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पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन: संसद से पास हुआ पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026

पीएम मोदी बोले- पेपर लीक माफियाओं को नहीं बख्शेंगे

राज्यसभा से भी मिली मंजूरी, अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद बनेगा कानून

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संसद के दोनों सदनों से पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026 के पारित होने का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि यह कानून देश में एक भरोसेमंद और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

पीएम मोदी ने दोहराया कि पेपर लीक में शामिल किसी भी माफिया या गिरोह को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पीएम मोदी बोले- परीक्षा प्रणाली को बनाया जाएगा और मजबूत

राज्यसभा से बिल पारित होने के बाद जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, तकनीक के बेहतर उपयोग और राज्यों के सुझावों के आधार पर सुधार कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्षों से विभिन्न राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं, जिसे अब सख्ती से रोका जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है

और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करके परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाया जाएगा।

पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि जो भी गिरोह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि नए कानून के जरिए पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि संसद के दोनों सदनों में इस विधेयक पर विस्तार से चर्चा हुई और उसके बाद इसे मजबूत कानूनी प्रावधानों के साथ पारित किया गया।

बिल में क्या हैं प्रमुख प्रावधान

पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026 में परीक्षा में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं।

  • पेपर लीक और परीक्षा में धांधली पर सख्त सजा।
  • जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का प्रावधान।
  • चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य।
  • मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट।
  • परीक्षा प्रणाली में तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर।

राज्यसभा से पास, अब राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी

लोकसभा से पहले ही पारित हो चुके इस विधेयक को गुरुवार को राज्यसभा ने भी मंजूरी दे दी।

अब इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून पूरे देश में लागू हो जाएगा।

जितेंद्र सिंह ने बताया छात्रों के हित में बड़ा कदम

राज्यसभा में चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने कहा कि यह कानून

देश के करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा करेगा।

उन्होंने बताया कि इससे लगभग 7.65 करोड़ विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने National Education Policy 2020> (NEP 2020) को शिक्षा क्षेत्र का गेम चेंजर

बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई चुनने की अधिक स्वतंत्रता मिली है।

साथ ही उन्होंने बताया कि देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 760 से बढ़कर 1,293 हो चुकी है

और 400 एकलव्य विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

20 जुलाई से शुरू हुआ था देशव्यापी आंदोलन

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों का आंदोलन जुलाई में राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया।

20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर से “संसद चलो मार्च” निकाला गया, जिसमें हजारों छात्र

और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए

और तत्कालीन शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan इस्तीफा दें। मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं,

कई लोगों को हिरासत में लिया गया और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद भी खड़ा हुआ।

सोनम वांगचुक के अनशन से आंदोलन को मिली नई धार

आंदोलन को उस समय और गति मिली जब शिक्षा सुधार और छात्रों की मांगों के समर्थन में Sonam Wangchuk जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठ गए।

बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद

संसद में परीक्षा सुधार और पेपर लीक पर चर्चा का आश्वासन मिलने पर उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया।

आंदोलन के बाद सरकार ने उठाए बड़े कदम

जंतर-मंतर आंदोलन, देशभर में छात्रों के प्रदर्शन और विपक्ष के दबाव के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाए।

इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए टास्क फोर्स गठित की।

इसके साथ ही पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026 संसद में पेश किया गया, जिसे अब दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है।

नए कानून में पेपर लीक और नकल पर सख्त सजा, दो महीने में जांच, तीन महीने में ट्रायल और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

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