गणित, विज्ञान और भौतिक विज्ञान के शिक्षक नहीं, बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों की बढ़ी चिंता
उत्तराखंड सरकार भले ही पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।
प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं।
बोर्ड परीक्षाओं से पहले शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
वर्ष 2009 में स्थापित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना था।
लेकिन वर्तमान में विद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अभिभावकों ने उप जिलाधिकारी अबरार अहमद को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि करीब पांच महीने बाद बोर्ड परीक्षाएं हैं,
लेकिन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की अनुपस्थिति से विद्यार्थियों की तैयारी प्रभावित हो रही है।
इन विषयों के पद हैं रिक्त
अभिभावकों के अनुसार विद्यालय में वर्तमान में-
- इंटर स्तर पर भौतिक विज्ञान के शिक्षक का पद रिक्त है।
- हाईस्कूल स्तर पर गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं।
- छात्रावास व्यवस्था के बावजूद महिला मेंटर (मेंटर/वार्डन) का पद भी लंबे समय से खाली है, जिससे छात्राओं को समस्याएं साझा करने में कठिनाई हो रही है।
एक महीने में नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन
अभिभावकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
उनका कहना है कि बेहतर शिक्षा की कमी के कारण पहाड़ों से पलायन बढ़ रहा है और सरकारी दावे धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
PTA गठन में भी देरी पर नाराजगी
अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए चार महीने से अधिक समय बीत चुका है,
लेकिन अभी तक शिक्षक-अभिभावक संघ (PTA) की नई कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया।
इसके चलते अभिभावकों की बैठक नहीं हो पा रही है और वे अपनी समस्याएं विद्यालय प्रशासन के सामने नहीं रख पा रहे हैं।
प्रभारी प्रधानाचार्य ने दिया आश्वासन
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य आरती गुसाईं ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर में विद्यालय के नए परिसर में स्थानांतरण के कारण पीटीए गठन में देरी हुई।
उन्होंने कहा कि इसी सप्ताह पीटीए का गठन कर बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में रिक्त शिक्षकों के पदों की जानकारी जिला स्तरीय अधिकारियों को भेज दी गई है
और नियुक्ति के लिए संबंधित विभाग को अवगत कराया गया है।















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