विकासखंड पौड़ी में ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
शुक्रवार को एक नए ग्राम प्रधान संगठन के गठन और अध्यक्ष चुने जाने के दावे के बाद मामला जिलाधिकारी तक पहुंच गया।
मौजूदा ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरिमोहन जुयाल समेत कई ग्राम प्रधानों ने सोमवार को
जिलाधिकारी पौड़ी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की जांच की मांग की।
नए अध्यक्ष के चयन पर उठे सवाल
ग्राम प्रधानों का आरोप है कि कुछ प्रधानों को विश्वास में लिए बिना एक नया संगठन बनाकर अध्यक्ष का चयन किया गया।
आरोप यह भी है कि मनरेगा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के नाम पर कुछ ग्राम प्रधानों से हस्ताक्षर
और मुहर कराई गई और बाद में कथित तौर पर उन्हीं का इस्तेमाल नए अध्यक्ष के चयन के लिए किया गया।
शिकायत में एक दस्तावेज पर करीब 38 हस्ताक्षर होने की बात कही गई है,
जबकि इनमें से केवल 27 स्थानों पर मुहर लगी होने का दावा किया गया है।
कुछ ग्राम प्रधानों ने मुहर और हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए हैं।
हरिमोहन जुयाल ने क्या कहा
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरिमोहन जुयाल के मुताबिक, दिसंबर 2025 में ग्राम प्रधान संगठन के चुनाव हुए थे।
अध्यक्ष पद के लिए चार ग्राम प्रधान मैदान में थे और कुल 58 मतों में से उन्हें सबसे ज्यादा 24 वोट मिले थे।
इसके आधार पर उन्हें ग्राम प्रधान संगठन पौड़ी का अध्यक्ष चुना गया था।
हरिमोहन जुयाल का दावा है कि बाद में उन्हें प्रदेश स्तर पर संगठन में सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई।
उनका आरोप है कि शुक्रवार को ग्राम प्रधान शंकर नौटियाल ने कुछ प्रधानों से मनरेगा की समस्याओं के समाधान के नाम पर
हस्ताक्षर करवाए और बाद में उन्हीं हस्ताक्षरों के आधार पर खुद को ब्लॉक अध्यक्ष घोषित कर दिया।
अविश्वास प्रस्ताव लाने की दी चुनौती
हरिमोहन जुयाल ने कहा कि अगर ग्राम प्रधान उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं तो इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराया जाए और जो प्रत्याशी बहुमत हासिल करे, उसे अध्यक्ष बनाया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ग्राम प्रधानों से पूरी जानकारी दिए बिना खाली कागजों पर हस्ताक्षर और मुहर लगवाई गई,
जिनका बाद में कथित रूप से इस्तेमाल किया गया।
डीएम ने डीपीआरओ को सौंपी जांच
मामले को लेकर ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया को हस्ताक्षर और मुहर से जुड़े नमूने भी सौंपे हैं।
ग्राम प्रधान संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), पौड़ी को सौंप दी है।
डीएम के मुताबिक, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर सामने आए इस विवाद के बाद पौड़ी विकासखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
अब निगाहें डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं।















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