पिछले साल से 27.50 लाख ज्यादा
30 जुलाई से शुरू हुआ कांवड़ मेला मंगलवार को संपन्न हो गया। इस बार हरिद्वार में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला।
पुलिस-प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे कांवड़ मेले में 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
अंतिम दिन 36.62 लाख कांवड़ियों ने उठाया गंगाजल
कांवड़ मेले के अंतिम दिन मंगलवार को ही 36 लाख 62 हजार कांवड़ियों ने हरिद्वार से गंगाजल उठाया।
इससे पहले सोमवार शाम छह बजे तक 4 करोड़ 43 लाख 78 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर रवाना हो चुके थे।
इसके बाद मंगलवार के आंकड़े जुड़ने के साथ कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की कुल संख्या 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार पहुंच गई।
8 अगस्त को सबसे ज्यादा कांवड़िये पहुंचे
कांवड़ यात्रा के दौरान हर दिन शिवभक्तों की संख्या बढ़ती गई। उपलब्ध पुलिस-प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार-
- 1 अगस्त: 20 लाख 25 हजार
- 2 अगस्त: 31 लाख 50 हजार
- 3 अगस्त: 32 लाख 25 हजार
- 4 अगस्त: 34 लाख 15 हजार
- 5 अगस्त: 37 लाख 30 हजार
- 6 अगस्त: 39 लाख 15 हजार
- 7 अगस्त: 44 लाख 38 हजार
- 8 अगस्त: 55 लाख 40 हजार
इन आंकड़ों में 8 अगस्त सबसे बड़ा दिन रहा, जब अकेले 55 लाख 40 हजार कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे।
पिछले साल से 27.50 लाख ज्यादा कांवड़िये
इस बार कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले साल का आंकड़ा भी पीछे छोड़ दिया। 2025 में 4 करोड़ 52 लाख 90 हजार कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे थे।
वहीं, 2026 में यह संख्या बढ़कर 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार हो गई। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 27 लाख 50 हजार अधिक कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे।
भगवा रंग में रंगी नजर आई धर्मनगरी
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार, कनखल, ज्वालापुर, सप्तऋषि और हरकी पैड़ी समेत आसपास के इलाकों में लगातार शिवभक्तों की भारी भीड़ रही।
पूरा मेला क्षेत्र भगवा रंग में नजर आया और बम-बम भोले तथा हर-हर महादेव के जयकारों से धर्मनगरी गूंजती रही।
पैदल कांवड़, डाक कांवड़ और विभिन्न वाहनों के जरिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे।
गंगाजल भरने के बाद कांवड़िये अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे।
कांवड़ मेले के बाद सफाई की बड़ी चुनौती
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का यह महापर्व भले ही संपन्न हो गया हो, लेकिन अब हरिद्वार के सामने सफाई की बड़ी चुनौती है। भारी भीड़ के बाद घाटों, सड़कों और मेला क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा जमा हो गया है।
नगर निगम ने मंगलवार की पूरी रात और बुधवार को भी बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाने की तैयारी की है।
घाटों और प्रमुख स्थानों पर सफाई कर्मियों की टीमें लगाई गई हैं, ताकि कांवड़ मेले के बाद हरिद्वार को जल्द से जल्द साफ और व्यवस्थित किया जा सके।
4.80 करोड़ की आस्था, अब स्वच्छ हरिद्वार की चुनौती
कांवड़ मेला 2026 ने श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से बड़ा आंकड़ा जरूर बनाया है।
4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने से एक बार फिर साबित हुआ कि महादेव की भक्ति में देशभर से लोग हरिद्वार का रुख करते हैं।
अब करोड़ों शिवभक्तों की वापसी के बाद प्रशासन के सामने चुनौती है कि मेला क्षेत्र में जमा कूड़े को तेजी से हटाकर हरिद्वार की साफ-सफाई और व्यवस्था को सामान्य किया जाए।















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