महिला आयोग ने कसा शिकंजा
ऋषिकेश में आठवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती के बाद आरोपी ने छात्रा को होटल बुलाया था।
वहां नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।
पीड़िता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है।

पिता की तहरीर पर पॉक्सो में मुकदमा
पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए मोबाइल नंबर समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने होटल के कमरे से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली गई है।
होटल का एंट्री रजिस्टर और आरोपी द्वारा पहचान संबंधी दस्तावेज दिए गए थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी जांच
घटना के बाद होटल प्रबंधन की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में आ गई है।
पुलिस यह पता लगा रही है कि नाबालिग को होटल में कमरा किस प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया गया था।
पहचान पत्र और आयु सत्यापन से जुड़े नियमों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, होटल में पहचान संबंधी अधूरे दस्तावेजों पर कमरा देने और अतिरिक्त रकम लेने जैसे आरोपों की भी जांच की जा रही है।
हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की।
उन्होंने पीड़िता को न्याय, उपचार और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
कुसुम कंडवाल ने एसपी देहात जया बलूनी और ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट से फोन पर मामले की जानकारी ली।
उन्होंने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज करने और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
होटलों में तीन महीने का CCTV बैकअप जरूरी करने की मांग
महिला आयोग की अध्यक्ष ने नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर होटलों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर प्रदेश के होटलों में कम से कम तीन महीने का सीसीटीवी बैकअप अनिवार्य करने की मांग की है।
आयोग ने यह भी कहा है कि वैध पहचान पत्र और आयु सत्यापन के बिना नाबालिगों को कमरा देने वाले होटलों को चिह्नित किया जाना चाहिए।
ऐसे मामलों में होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय कर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया है।

आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश
ऋषिकेश पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस उसके संभावित ठिकानों और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है।
साथ ही मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में होटल प्रबंधन की भूमिका समेत सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।
आरोपी की गिरफ्तारी और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
















Leave a Reply