उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के
देहरादून कार्यालय पहुंचे। यहां उनसे 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित
अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की गई। यह मामला रावत के तत्कालीन OSD और
वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़ी ED की कार्रवाई के बाद सामने आया है। रावत से भर्ती परीक्षा की
प्रक्रिया, तत्कालीन अधिकारियों और जीना से जुड़े पहलुओं को लेकर जानकारी ली गई।
मां जगदंबा का स्मरण कर पहुंचे रावत
ED कार्यालय पहुंचने से पहले हरीश रावत ने कहा कि वह अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण कर
आशीर्वाद लेकर पूछताछ के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को बुलाया नहीं है और न ही
किसी को उनके साथ आने के लिए कहा है। रावत ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक संदर्भ में
भी अपनी बात रखी और कहा कि चुनाव के समय CBI और ED की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं।
10 सितंबर को जीना के ठिकानों पर हुई थी कार्रवाई
ED ने 10 सितंबर 2026 को PMLA के तहत देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के मुताबिक
कार्रवाई 2016 की UKSSSC VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा थी।
तलाशी चंदन सिंह जीना के अलावा तत्कालीन UKSSSC अधिकारियों, परीक्षा नियंत्रक, OMR प्रोसेसिंग से जुड़ी
निजी कंप्यूटर एजेंसी और कथित बिचौलियों से जुड़े परिसरों पर भी हुई थी।
जीना के परिसर से नकदी, सोना और लग्जरी घड़ियां
ED के अनुसार, चंदन सिंह जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना
और 12 लग्जरी घड़ियां मिली थीं। इसके अलावा जीना और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े बैंक खातों में मौजूद
करीब 52.16 लाख रुपये को फ्रीज किया गया था। एजेंसी के मुताबिक जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल
मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है।
OMR शीट से जुड़ी जांच की कड़ी
ED की जांच में 2016 की VPDO परीक्षा की OMR उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ी कथित प्रक्रिया भी अहम है।
एजेंसी के अनुसार, कुछ OMR शीट को सुरक्षित अभिरक्षा से बाहर ले जाकर उनके रोल नंबर नोट किए गए और
बाद में निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों के जरिए उत्तरों में कथित तौर पर बदलाव कर शीट दोबारा सील किए
जाने की आशंका की जांच की जा रही है। ED इस प्रक्रिया और कथित अवैध लेनदेन के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
चंदन सिंह जीना से रावत का पुराना जुड़ाव
चंदन सिंह जीना 2014 से 2017 के दौरान हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD के रूप में काम कर चुके
हैं। वर्तमान में वह रावत के निजी सहायक के तौर पर जुड़े बताए जाते हैं। सितंबर में ED की कार्रवाई के बाद
हरीश रावत ने कांग्रेस के कुछ संगठनात्मक पदों से हटने की घोषणा की थी, हालांकि उन्होंने कांग्रेस से अलग होने की बात नहीं कही थी।
जांच जारी, आरोप अभी जांच के दायरे में
रावत ने इससे पहले जीना के खिलाफ OMR में छेड़छाड़ के आरोपों पर सवाल उठाए थे। अब ED की पूछताछ के
बाद मामले में रावत से भी संबंधित जानकारियां जांच का हिस्सा बनी हैं। हालांकि, ED की जांच पूरी होने और
सक्षम कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष आने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या कथित वित्तीय लेनदेन को अंतिम रूप से दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा।















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