जगमोहन रौतेला
जुलाई सत्र में 48,444 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश, नेपाल के शिक्षार्थियों के लिए भी शुरू हुई प्रक्रिया
मुक्त विश्वविद्यालय ने जुलाई 2026 सत्र की परीक्षाओं एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित,
समन्वित और निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न करते हुए परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
जुलाई 2026 सत्र की परीक्षाएं पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय ने महज 17 दिनों में परिणाम जारी किए।
कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने 17 अक्टूबर को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ी है।
जुलाई 2026 सत्र में कुल 48,444 प्रवेश हुए, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 46,558 था। इस तरह प्रवेश संख्या में 1,886 की वृद्धि दर्ज की गई।

300 शिक्षकों ने मूल्यांकन में दिया योगदान
विश्वविद्यालय में जुलाई सत्र की परीक्षाएं 20 जुलाई से 27 अगस्त 2026 तक आयोजित हुईं।
केंद्रीय मूल्यांकन की प्रक्रिया 13 सितंबर तक चली। इसके बाद 17 दिनों में परिणाम जारी किए गए।
कुलपति के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के करीब 300 शिक्षकों और प्राध्यापकों ने योगदान दिया।
इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय,
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों के शिक्षक शामिल रहे।
प्रवेश में 4.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी
जुलाई 2025 सत्र में 19,277 नए प्रवेश हुए थे। जुलाई 2026 सत्र में यह संख्या बढ़कर 19,757 हो गई।
कुल प्रवेश में भी करीब 4.05 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
विश्वविद्यालय ने नेपाल के शिक्षार्थियों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है।
परिसर में ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में ईज़ी चार्ज के सहयोग से ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है।
हरेला पर्व पर पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।

स्थापना दिवस और दीक्षांत समारोह की तैयारी
कुलपति ने बताया कि 18 अक्टूबर को हल्द्वानी स्थित मॉडल अध्ययन केंद्र के शिक्षार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय का 21वां स्थापना दिवस 31 अक्टूबर और दीक्षांत समारोह 18 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है।
प्रेसवार्ता में कुलसचिव खेमराज भट्ट, वित्त नियंत्रक सूर्यप्रताप सिंह, प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडेय, प्रो. एमएम जोशी,
प्रो. आशुतोष भट्ट, प्रो. राकेश रयाल और डॉ. सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

















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