शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी से नियमित उड़ानें सुचारु, दो पायलटों की अनिवार्यता के विरोध में निजी ऑपरेटरों ने रोकी सेवाएं
केदारनाथ धाम में बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को हेली सेवा की सुविधा मिल रही है।
हालांकि, हेली सेवाओं को लेकर बदले हालात का असर अब लंबी दूरी की चार्टर उड़ानों पर पड़ा है।
केदारघाटी के शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी हेलीपैड से नियमित हेलीकॉप्टर सेवाएं पहले की तरह संचालित हो रही हैं,
जबकि देहरादून के सहस्रधारा से केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए चलने वाली चार्टर उड़ानें फिलहाल बंद हैं।
बदरीनाथ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद उड़ानों में दो पायलटों की अनिवार्यता लागू की गई है।
इस व्यवस्था के विरोध में निजी चार्टर ऑपरेटरों ने अपनी सेवाएं रोक दी हैं।
इसका सीधा असर उन श्रद्धालुओं पर पड़ा है, जो देहरादून से सीधे केदारनाथ और बदरीनाथ धाम तक
पहुंचने के लिए चार्टर हेलीकॉप्टर का विकल्प चुनते थे।
नियमित हेली सेवाओं पर नहीं पड़ा असर
केदारघाटी के शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी सेक्टर से हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहे हैं।
इन स्थानों से केदारनाथ धाम पहुंचने में करीब सात मिनट का समय लगता है।
जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे के अनुसार, इन तीनों सेक्टरों से नियमित हेली सेवाओं का संचालन सुचारु है। चार्टर सेवाएं ऑपरेटरों की ओर से रोकी गई हैं।
पहले रोजाना होती थीं 50 से 60 चार्टर उड़ानें
जानकारी के अनुसार, मौसम अनुकूल रहने पर सहस्रधारा से केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए प्रतिदिन
करीब 50 से 60 चार्टर उड़ानों का संचालन होता था।
फिलहाल इन सेवाओं के बंद होने से लंबी दूरी की हेली यात्रा प्रभावित हुई है।
वहीं, हेली सेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिए शेरसी सेक्टर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) स्थापित किया गया है।
यहां से ऑपरेटरों को मौसम की ताजा जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि मौसम और सुरक्षा मानकों के अनुसार उड़ानों का संचालन किया जा सके।
चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में नियमित हेली सेवाएं जारी रहने से श्रद्धालुओं को राहत है,
लेकिन चार्टर उड़ानों के बंद होने से लंबी दूरी से सीधे धाम पहुंचने की सुविधा फिलहाल प्रभावित है।















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