दो दिवसीय अभियान में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई
उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में परिवहन विभाग ने मानकों के विपरीत संचालित हो रही लग्जरी स्लीपर बसों के खिलाफ दो
दिवसीय विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के दौरान 80 बसों का चालान किया गया,
जबकि गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 12 बसों को सीज कर दिया गया। इसके अलावा 15 बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र
निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है।
लगातार शिकायतों के बाद चला विशेष अभियान
परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई लग्जरी बसें निर्धारित बस स्टॉप के बजाय राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही
सवारियां भर रही हैं। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा था बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा था।
शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया।
एआरटीओ नेहा झा के नेतृत्व में हुई जांच
अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया, जबकि बसों का तकनीकी निरीक्षण संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक)
आनंद वर्धन द्वारा किया गया। जांच के दौरान विभिन्न मार्गों पर संचालित लग्जरी स्लीपर बसों की परमिट शर्तों, फिटनेस,
संरचनात्मक सुरक्षा, तकनीकी मानकों तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
80 चालान, 12 बसें सीज और 15 पर आगे की कार्रवाई
दो दिनों तक चले अभियान में कुल 80 वाहनों के चालान किए गए। गंभीर अनियमितताओं के चलते 12 बसों को सीज किया
गया। वहीं 15 बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित मिलीं, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
तकनीकी जांच में कई बसों की स्थिति सड़क सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खराब पाई गई,
जिसके चलते उनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
एक ही बस में आगे-पीछे मिली अलग-अलग नंबर प्लेट
अभियान के दौरान अधिकारियों ने एक लग्जरी बस में गंभीर अनियमितता पकड़ी। जांच में पाया गया कि बस के आगे और
पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगी हुई थीं। इस पर एआरटीओ नेहा झा ने बस को तत्काल सीज कर दिया तथा चालक के
खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हुए फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भी की।
यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं: परिवहन विभाग
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निर्धारित तकनीकी मानकों, परमिट की शर्तों और मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ
भविष्य में भी इसी प्रकार सघन अभियान जारी रहेगा।
चारधाम यात्रा के बीच बढ़ी चिंता
हरिद्वार उत्तराखंड का प्रमुख प्रवेश द्वार है और यहीं से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा तथा कुमाऊं के प्रमुख धार्मिक
स्थलों के लिए रवाना होते हैं। ऐसे समय में यदि मानकों की अनदेखी कर बसों का संचालन किया जाता है तो यात्रियों की सुरक्षा
पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पहले से ही चारधाम मार्गों पर भारी यातायात और लंबे जाम की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में तकनीकी रूप से असुरक्षित और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का संचालन यात्रा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त
चुनौती बन सकता है। परिवहन विभाग की यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में
महत्वपूर्ण मानी जा रही है।















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