अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर 8 फरवरी को देहरादून में आयोजित महापंचायत में अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी का संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली संबोधन कई अहम सवाल खड़े कर गया।
अपने कुछ ही मिनटों के भाषण में उन्होंने सरकार और पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद अनिल प्रकाश जोशी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट की।
“अनिल प्रकाश जोशी को मैं जानता तक नहीं” वीरेंद्र भंडारी
वीरेंद्र भंडारी ने मंच से कहा कि वे अनिल प्रकाश जोशी को व्यक्तिगत रूप से जानते तक नहीं हैं। इसके बावजूद उनके द्वारा अंकिता मामले में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने और उसी आधार पर सीबीआई जांच शुरू होने को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, तो उसमें सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं की गई।
सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में CBI जांच की मांग
अंकिता के पिता ने दो टूक कहा कि उनका परिवार शुरू से ही सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में चाहता है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सौंपे गए प्रस्ताव में भी यही मांग स्पष्ट रूप से दर्ज की गई थी।
परिवार की मांग को दरकिनार कर जांच शुरू होने पर सवाल
वीरेंद्र भंडारी ने यह भी सवाल उठाया कि जब उनकी मांग स्पष्ट थी, तो फिर सीबीआई जांच अनिल प्रकाश जोशी की रिपोर्ट के आधार पर क्यों कराई गई और परिवार की मांग को क्यों दरकिनार किया गया।
महापंचायत के बयान से फिर गरमाई जांच प्रक्रिया पर बहस
महापंचायत में दिए गए इस बयान के बाद एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच प्रक्रिया, उसकी दिशा और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।

















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