सार्वजनिक कार्यक्रमों में मदिरापान पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित
शराब परोसने और सेवन करने वालों पर ₹5000 जुर्माना तथा सामाजिक बहिष्कार का निर्णय
जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्तमुनि विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा बामसू में
8 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान संजय सिंह कंडारी तथा महिला मंगल दल अध्यक्ष पार्वती देवी ने संयुक्त रूप से की।
इस बैठक में ग्राम के सामाजिक अनुशासन, पारिवारिक मर्यादा तथा सार्वजनिक शुचिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक में यह प्रस्ताव लिया गया कि ग्राम क्षेत्र में आयोजित होने वाले किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम
– चाहे वह विवाह समारोह हो, मुंडन संस्कार हो अथवा अन्य कोई सामाजिक आयोजन में सार्वजनिक रूप से शराब का सेवन अथवा परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
जुर्माना एवं दंड का प्रावधान
ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर
किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में उपस्थित पाया जाता है, तो उस पर ₹5000 का आर्थिक दंड अधिरोपित किया जाएगा।
साथ ही, यदि किसी आयोजनकर्ता द्वारा कार्यक्रम में शराब परोसी जाती है,
तो संबंधित परिवार पर भी ₹5000 का जुर्माना लगाया जाएगा तथा सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्णय को ग्राम के सामाजिक स्वास्थ्य और सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा हेतु आवश्यक कदम बताया गया।
ग्रामवासियों का सर्वसम्मत समर्थन
इस प्रस्ताव को ग्रामवासियों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। बैठक में उपस्थित नागरिकों ने
हस्ताक्षर कर अपने समर्थन की औपचारिक पुष्टि की। हस्ताक्षरकर्ताओं में कोषाध्यक्ष मंजू देवी सहित पद्मेंद्र सिंह,
रमेश सिंह, बख्तावर सिंह, उत्तम सिंह, प्रदीप सिंह, उषा देवी, कश्मीरा देवी, सरोज देवी, यशोदा देवी,
लक्ष्मी देवी, सीमा देवी, ललिता देवी, सतेश्वरी देवी, रामेश्वरी देवी, कांति देवी, सुमति देवी, विमला देवी,
सुमन देवी, सुशीला देवी, अंशी देवी, सापुतारा देवी, सुलोचना देवी, निशा, रीना, रीता देवी, शांति, सुषमा, कांता, कमला सहित अनेक ग्रामवासियों ने इस सामाजिक संकल्प पर सहमति व्यक्त की।

सामाजिक सुधार की दिशा में पहल
ग्राम सभा बामसू का यह निर्णय ग्रामीण समाज में नशामुक्ति अभियान को सशक्त करने की
दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इससे पारिवारिक वातावरण स्वस्थ होगा, अनावश्यक विवादों में कमी आएगी तथा युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा मिलेगी।
















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