देशभर में सोमवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल टल गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई बातचीत के बाद बैंक यूनियनों ने प्रस्तावित हड़ताल और
आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया। ऐसे में सोमवार से बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
UFBU ने 27 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे IBA के साथ हुई बैठक के बाद सर्कुलर जारी कर हड़ताल टालने
की जानकारी दी। इससे बैंक ग्राहकों और कारोबारियों को राहत मिली है।
पांच दिन का बैंकिंग वीक समेत कई मांगें
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करना शामिल है।
इसके तहत शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की जा रही है।
इसके अलावा स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू की गई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)
स्कीम को लेकर भी यूनियनों की आपत्ति है। बातचीत में IBA ने यूनियनों और एसोसिएशनों की आपत्तियों को
देखते हुए सरकार के समक्ष इस योजना में बदलाव का प्रस्ताव रखने पर चर्चा शुरू करने पर सहमति जताई है।
लंबित मुद्दों पर भी होगी बातचीत
UFBU के सर्कुलर के अनुसार, 8 मार्च 2024 के मिनट्स में दर्ज अन्य लंबित मुद्दों पर भी जल्द समाधान के लिए
बातचीत की जाएगी। दोनों पक्षों के बीच हुई चर्चा के बाद यूनियनों ने प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल की कार्रवाई को टालने पर सहमति जताई।

क्यों बुलाई गई थी तीन दिन की हड़ताल?
UFBU ने शुक्रवार को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था। बैंक यूनियनों का कहना था कि पूर्व में
हुए समझौते में शामिल कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
यूनियन प्रतिनिधियों ने पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करने और नई PLI स्कीम को लेकर अपनी आपत्तियां प्रमुख
मुद्दों के तौर पर रखी थीं। उनका कहना था कि समझौते के बाद भी कई मांगों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई,
जिसके चलते आंदोलन का फैसला लिया गया।
हालांकि, IBA और UFBU के बीच बातचीत के बाद फिलहाल हड़ताल टाल दी गई है।
अब लंबित मुद्दों पर आगे की बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
















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