चमोली की नीती घाटी से सामने आया मंजर बेहद डराने वाला है।
ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अचानक इतना तेज पानी आया कि देखते ही देखते वैली ब्रिज पानी में समा गया।
तेज बहाव की चपेट में कई वाहन भी आए हैं। वहीं, एक BRO कर्मी के लापता होने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है।
अचानक बढ़ा पानी, चंद मिनटों में बदला पूरा मंजर
घटना शाम करीब साढ़े 5 बजे की बताई जा रही है। तमक नाले में अचानक जलप्रवाह बढ़ा और पानी के साथ भारी मलबा भी नीचे आने लगा।
देखते ही देखते 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से बनाया गया वैली ब्रिज तेज बहाव में बह गया।
घटना के दौरान GREF के वाहन भी प्रभावित हुए। इनमें स्कॉर्पियो और बोलेरो कैंपर समेत अन्य वाहन शामिल हैं।
स्कॉर्पियो चालक नायक पंकज कुमार के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई गई है।

पुल बहने से नीती घाटी का संपर्क प्रभावित
वैली ब्रिज के बह जाने के बाद नीती घाटी की ओर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
तमक क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश के बाद नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने की बात सामने आई है।
मौके पर बारिश और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वीडियो में दिखा जलसैलाब का रौद्र रूप
घटना से जुड़े वीडियो में नाले का तेज बहाव दिखाई दे रहा है। पानी की धार इतनी तेज है कि एक वाहन बहता हुआ नजर आ रहा है।
सड़क पर पोकलैंड मशीन भी पानी के बीच फंसी दिखाई देती है।
वीडियो में मौजूद लोग अचानक आए जलसैलाब को देखकर घबराए हुए नजर आते हैं।
कुछ ही देर में तमक नाला पूरी तरह उफान पर आ गया और आसपास का क्षेत्र पानी तथा मलबे की चपेट में आ गया।
BRO कर्मी के लापता होने की सूचना
ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार, BRO के मेजर से हुई बातचीत में एक कर्मचारी के लापता होने की जानकारी मिली है।
आशंका है कि अचानक बढ़े पानी के बहाव में कर्मचारी बह गया।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भी बताया कि एक ब्रिज, एक वाहन, एक ट्रक और हवलदार रैंक के कर्मचारी के बहने की सूचना मिली है। अन्य कर्मचारियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
SDRF और NDRF की टीमें रवाना
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी तेज कर दी।
SDRF, NDRF, आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं।
हालांकि, खराब मौसम, भारी बारिश और अंधेरे के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
सुबह मौसम और परिस्थितियां अनुकूल होने पर व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया जाएगा।
नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट किया गया
नीती घाटी में भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से फिलहाल नीती घाटी की ओर जाने से बचने को कहा है।
CM धामी ने दिए सुरक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के साथ निचले इलाकों में एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पुल बहने के कारण आसपास के गांवों में राशन, दवाइयों और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित न हो।
जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्तों से आवश्यक सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
SEOC से 24 घंटे निगरानी
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से चमोली समेत प्रदेश के संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
प्रशासन की प्राथमिकता लापता कर्मचारी की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।















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