बॉक्सर्स ने रचा इतिहास, भारत ने जीते 13 स्वर्ण सहित कुल 39 पदक
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो गया।
भारत ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदक अपने नाम किए।
इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
भारतीय खिलाड़ियों ने सबसे अधिक सफलता बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में हासिल की। वहीं, पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर रहा।
भारतीय बॉक्सर्स का ऐतिहासिक प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय मुक्केबाजों के लिए ऐतिहासिक साबित हुए।
भारतीय बॉक्सिंग टीम ने 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 10 पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
महिला बॉक्सिंग में गोल्ड जीतने वाली खिलाड़ी
- प्रीति पंवार
- जैस्मिन लंबोरिया
- साक्षी चौधरी
- प्रिया घंघास
- अरुंधति चौधरी
पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक विजेता
- सचिन सिवाच
- अंकुश पंघाल
वहीं लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह और नरेंद बेरवाल ने अपने-अपने वर्ग में रजत पदक जीते।
एथलेटिक्स में भी भारत का दमदार प्रदर्शन
भारतीय एथलीटों ने एथलेटिक्स में कुल 10 पदक जीते।
रजत पदक विजेता
- सर्वेश कुशारे
- गुलवीर सिंह
- मुरली श्रीशंकर
- नीरज चोपड़ा
- प्रवीण चित्रवेल
कांस्य पदक विजेता
- गुलवीर सिंह
- सीमा कालीरमन
- यशवीर सिंह
- सेल्वा प्रभु थिरुमारन
- तेजस्विन शंकर
पैरा एथलीटों ने भी बढ़ाया देश का मान
पैरा एथलेटिक्स में भारत ने 6 पदक जीते।
स्वर्ण पदक
- शर्मिला धनकड़
- दिलीप महादू
- सोनम राणा
रजत पदक
- मोहम्मद बासिल
- शुभम जुयाल
कांस्य पदक
- झंडू कुमार
एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स को मिलाकर भारत ने कुल 16 पदक हासिल किए।
पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की अंतिम पदक तालिका में:
| देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक |
|---|---|---|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया | 70 | 45 | 56 | 171 |
| इंग्लैंड | 29 | 45 | 36 | 110 |
| कनाडा | 19 | 20 | 23 | 62 |
| भारत | 13 | 17 | 9 | 39 |
2030 में भारत करेगा मेजबानी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन समारोह में स्कॉटलैंड ने आधिकारिक कॉमनवेल्थ ध्वज और बैटन
भारतीय प्रतिनिधिमंडल को सौंप दिया।
अब 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होगा।
वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी वर्ष भी होगा। इन खेलों की शुरुआत 1930 में हुई थी और तब से हर चार वर्ष में इनका आयोजन किया जाता है।















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