10वें दिन 16 पदक जीतकर चौथे स्थान पर पहुंचा
मुक्केबाजी में सात स्वर्ण के साथ भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, कुल पदक हुए 39
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 10वें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया।
भारतीय खिलाड़ियों ने शनिवार को कुल 16 पदक अपने नाम किए, जिनमें 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं।
इस दमदार प्रदर्शन के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 39 (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) हो गई है।
भारत ने मेजबान स्कॉटलैंड को पीछे छोड़ते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर
10वें दिन के बाद पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर बना हुआ है।
| स्थान | देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ऑस्ट्रेलिया | 65 | 41 | 52 | 158 |
| 2 | इंग्लैंड | 26 | 41 | 35 | 102 |
| 3 | कनाडा | 18 | 20 | 21 | 59 |
| 4 | भारत | 13 | 17 | 9 | 39 |
| 5 | स्कॉटलैंड | 13 | 8 | 17 | 38 |
मुक्केबाजी में सात स्वर्ण जीतकर भारत ने रचा इतिहास
भारत के लिए 10वें दिन की सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी में रही, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया।
स्वर्ण पदक विजेता
- सचिन सिवाच (पुरुष 60 किग्रा)
- अंकुश (पुरुष 70 किग्रा)
- प्रीति पवार (महिला 54 किग्रा)
- जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57 किग्रा)
- साक्षी चौधरी (महिला 51 किग्रा)
- प्रिया घंघास (महिला 60 किग्रा)
- अरुंधति चौधरी (महिला 70 किग्रा)
रजत पदक विजेता
- लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किग्रा)
- जादूमणि सिंह (पुरुष 55 किग्रा)
- नरेंद्र बेरवाल
महिला मुक्केबाजों ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन किया।
अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता चैंटेल रीड को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
वहीं प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने भी अपने-अपने फाइनल मुकाबले 5-0 के अंतर से जीतकर भारत की झोली में स्वर्ण डाले।
एथलेटिक्स में भी चमके भारतीय खिलाड़ी
पुरुष ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता, जबकि सेल्वा प्रभु तिरुमारन ने 16.52 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। इससे पहले वह 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीत चुके हैं।
शॉट पुट में भारत का पहला स्वर्ण
पुरुषों के शॉट पुट एफ57 वर्ग में सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा।
वह इस स्पर्धा में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले खिलाड़ी बने।
जूडो में पहली बार दो स्वर्ण
जूडो में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीते।
- अस्मिता डे – स्वर्ण
- हर्ष सिंह – स्वर्ण
- यामिनी मौर्य – रजत
- उन्नति शर्मा – कांस्य
इस तरह भारत ने जूडो में रिकॉर्ड चार पदक अपने नाम किए।
भारत के अब तक के 13 स्वर्ण पदक विजेता
- मीराबाई चानू – भारोत्तोलन
- शर्मिला धनखड़ – पैरा एथलेटिक्स
- दिलीप महादू गावित – पैरा एथलेटिक्स
- अस्मिता डे – जूडो
- हर्ष सिंह – जूडो
- प्रीति पवार – मुक्केबाजी
- जैस्मिन लंबोरिया – मुक्केबाजी
- सोमन राणा – पैरा एथलेटिक्स
- साक्षी चौधरी – मुक्केबाजी
- अरुंधति चौधरी – मुक्केबाजी
- प्रिया घंघास – मुक्केबाजी
- सचिन सिवाच – मुक्केबाजी
- अंकुश – मुक्केबाजी
अंतिम दिन 40 पदकों का लक्ष्य
प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत की चुनौती जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में होगी।
जूडो में ईशरूप नारंग, अवतार सिंह और यश घंघास से पदक की उम्मीद है, जबकि ट्रैक साइक्लिंग में भी भारतीय खिलाड़ी मजबूत दावेदारी पेश करेंगे।
यदि भारत एक और पदक जीतता है तो उसका कुल पदक आंकड़ा 40 के पार पहुंच जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सभी स्वर्ण पदक विजेताओं सहित सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।















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