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दलेर मेहंदी विवाद: सुबोध उनियाल बोले- जनता के पैसे खर्च हुए तो जवाबदेही भी जरूरी

मीका-कपिल समेत कई सितारे समर्थन में उतरे

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान पंजाबी गायक दलेर मेहंदी

और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुआ विवाद अब मनोरंजन जगत तक पहुंच गया है।

मंच पर गायक की प्रस्तुति पर सवाल उठाने वाले मंत्री उनियाल ने अपनी सफाई दी है।

उनका कहना है कि कलाकार को 35 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन वह ठीक से बोल और चल भी नहीं पा रहे थे।

दूसरी ओर, मीका सिंह, कपिल शर्मा, बादशाह और अनुपम खेर समेत कई कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं।

उन्होंने सार्वजनिक मंच पर कलाकार के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।

सुबोध उनियाल बोले- दर्शकों की अपेक्षाओं के कारण किया हस्तक्षेप

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान शुरुआत में एंकर के माध्यम से स्थिति संभालने की कोशिश की गई थी।

उन्होंने एंकर को समझाया, लेकिन उनके अनुसार प्रस्तुति में सुधार नहीं हुआ।

मंत्री ने आरोप लगाया कि पूरी टीम हाथ हिलाकर लिप-सिंक कर रही थी।

उनियाल का कहना है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

ऐसे में जनप्रतिनिधि होने के नाते दर्शकों के सवालों का जवाब देना उनकी जिम्मेदारी थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य दलेर मेहंदी का व्यक्तिगत अपमान करना नहीं था।

मंत्री ने कार्यक्रम के भुगतान का जिक्र करते हुए कहा कि कलाकार को 35 लाख रुपये दिए गए थे।

उनके अनुसार, कलाकार की यात्रा और ठहरने की व्यवस्था पर भी खर्च किया गया था।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई कलाकार प्रस्तुति देने की स्थिति में नहीं है, तो उसे कार्यक्रम के लिए सहमति नहीं देनी चाहिए।

मीका सिंह ने किया भाई का बचाव, शराब पीने के आरोप को नकारा

दलेर मेहंदी के समर्थन में सबसे मुखर प्रतिक्रिया उनके भाई और गायक मीका सिंह की ओर से आई।

मीका ने शराब पीने के आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके भाई बेहद पेशेवर कलाकार हैं।

मीका ने दलेर मेहंदी की हालिया सर्जरी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस तरह आरोप लगाए जाने पर आपत्ति जताई और मंत्री से अपने भाई के प्रति किए गए व्यवहार पर माफी मांगने की मांग भी की।

मीका का कहना है कि किसी कलाकार की प्रस्तुति अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने पर भी उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।

हालांकि, दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति और शराब के सेवन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

कपिल शर्मा और अनुपम खेर ने भी उठाए सवाल

अभिनेता और कॉमेडियन कपिल शर्मा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से संवेदनशीलता और दयालुता बरतने की अपील की।

उन्होंने दलेर मेहंदी की गंभीर सर्जरी का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को उनकी परिस्थितियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं हो सकती।

अभिनेता अनुपम खेर ने भी गायक का समर्थन किया। उन्होंने दलेर मेहंदी को लंबे समय से जानने की बात कही और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई।

अनुपम खेर के मुताबिक, यदि किसी कलाकार की प्रस्तुति को लेकर शिकायत थी,

तो उसे मंच पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय सम्मानपूर्वक भी उठाया जा सकता था।

बादशाह, शान और हरशदीप कौर भी समर्थन में आए

दलेर मेहंदी के समर्थन में रैपर बादशाह और गायक शान ने भी प्रतिक्रिया दी। बादशाह ने कलाकार के सम्मान का मुद्दा उठाया,

जबकि शान ने दलेर मेहंदी को रॉकस्टार बताते हुए उनके संगीत और योगदान की सराहना की।

गायिका हरशदीप कौर ने भी दलेर मेहंदी को दिग्गज कलाकार बताते हुए कहा कि उस दिन वह अस्वस्थ नजर आ रहे थे।

उनके अनुसार, दलेर मेहंदी सामान्य तौर पर मंच पर अपनी गायकी से दर्शकों को उत्साहित करने के लिए जाने जाते हैं।

इसके अलावा अभिनेता राजपाल यादव और मनोरंजन जगत से जुड़े अन्य लोगों ने भी कलाकार के सम्मान और

सार्वजनिक मंच पर व्यवहार को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

कलाकार का सम्मान या जनता के पैसे की जवाबदेही

इस पूरे विवाद में दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।

सुबोध उनियाल का तर्क है कि सार्वजनिक कार्यक्रम में खर्च की गई रकम के बदले दर्शकों को अपेक्षित प्रस्तुति मिलनी चाहिए।

उनका कहना है कि उन्होंने इसी जिम्मेदारी के तहत मंच पर हस्तक्षेप किया।

वहीं, दलेर मेहंदी के समर्थन में आए कलाकारों का सवाल है कि प्रस्तुति को लेकर असंतोष होने पर भी

किसी कलाकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना उचित नहीं है।

उन्होंने गायक की सेहत और हालिया सर्जरी का हवाला देते हुए संवेदनशीलता बरतने की अपील की है।

इस बीच गायिका सोना महापात्रा ने भी इस बहस के दूसरे पहलू की ओर ध्यान दिलाया।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी वरिष्ठ कलाकार के प्रति सम्मान का अर्थ यह होना चाहिए कि उसकी प्रस्तुति को लेकर सवाल ही न उठाए जाएं।

उनके रुख के मुताबिक, कलाकार की गरिमा बनाए रखने के साथ दर्शकों के प्रति जवाबदेही भी जरूरी है।

फिलहाल, मां कुंजापुरी मेले में हुई यह घटना कलाकार के सम्मान, स्वास्थ्य और सार्वजनिक कार्यक्रमों में

प्रस्तुति की गुणवत्ता को लेकर बहस का विषय बनी हुई है।

एक ओर मंत्री अपने हस्तक्षेप को जनता के प्रति जवाबदेही बता रहे हैं,

तो दूसरी ओर मनोरंजन जगत का एक वर्ग उनके तरीके पर सवाल उठा रहा है।

https://regionalreporter.in/uttarakhand-secretariat-woman-officer-harassment-case/
https://youtu.be/Ya781mRMU3Q?si=ExV55BRf3eCFxRSt
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