मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट (गैरसैंण) में आयोजित महिला समूहों की खुली बैठक के बाद गैरसैंण में AIIMS की स्थापना की मांग को नई मजबूती मिली है।
बैठक के उपरांत चल रहे हस्ताक्षर अभियान को महिलाओं का व्यापक समर्थन मिला,
जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पहाड़ में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग अब जनभावना बन चुकी है।
इलाज के लिए मैदानों की दौड़ से त्रस्त महिलाएं, स्वास्थ्य बना सबसे बड़ा मुद्दा
बैठक में मौजूद महिलाओं ने एक सुर में कहा कि गंभीर इलाज के लिए बार-बार मैदानी क्षेत्रों की ओर जाना अब उनके लिए बेहद कठिन हो गया है।
समय पर उपचार न मिल पाने की समस्या पहाड़ की माताओं और बेटियों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है।
महिलाओं ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में मजबूत स्वास्थ्य ढांचा बेहद जरूरी है।
‘अब मांग नहीं, जरूरत है AIIMS’-महिला समूहों का स्पष्ट संदेश
महिला समूहों ने साफ कहा कि गैरसैंण में AIIMS की स्थापना अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है।
उनका कहना था कि यदि पहाड़ में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो जनआवाज और अधिक मुखर होगी।
40 से अधिक गांवों तक पहुंचा अभियान, जनआंदोलन की तैयारी
स्थानीय लोगों के अनुसार सारकोट से उठी यह आवाज अब पूरे गैरसैंण क्षेत्र में फैल चुकी है।
AIIMS की मांग को लेकर चल रहा हस्ताक्षर अभियान अब तक लगभग 40 गांवों तक पहुंच चुका है और लगातार नए गांव इससे जुड़ रहे हैं।
आने वाले दिनों में इसे बड़े जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी की जा रही है।
सारकोट की हुंकार, गैरसैंण की आवाज अब अनदेखी नहीं होगी
क्षेत्र में बनती जनधारणा साफ संकेत दे रही है कि गैरसैंण की जनता अब स्वास्थ्य के मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। संदेश साफ है
सारकोट बोल चुका है और अब गैरसैंण की आवाज को अनसुना करना आसान नहीं होगा।
















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