उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है।
देहरादून जिले की डोईवाला विधानसभा के गडूल ग्राम पंचायत स्थित शीला की चौकी के पास ग्रामीणों के आने-जाने के लिए बनाया गया अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया।
इसके बाद कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
अस्थायी पुल बहने से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि अब रोजमर्रा के कामों के लिए भी सुरक्षित आवाजाही संभव नहीं रह गई है।
इसके अलावा, अमगड़ गदेरा लगातार उफान पर है। तेज बहाव के कारण आसपास के कई मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
एक साल बाद भी नहीं बना स्थायी पुल
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थायी पुल निर्माण की मांग पिछले एक साल से लगातार की जा रही है।
इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
मजबूरी में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर अस्थायी पुल तैयार किया था। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण यह पुल भी पानी के तेज बहाव में बह गया।
विभागों पर लापरवाही का आरोप
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र रावत ने बताया कि पूरी स्थिति की जानकारी संबंधित विभागों और स्थानीय विधायक को दे दी गई है। उन्होंने जल्द से जल्द राहत कार्य और स्थायी पुल निर्माण की मांग की है।
वहीं, ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा कि यदि समय रहते स्थायी पुल का निर्माण कर दिया जाता, तो आज ग्रामीणों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही बताया।
उत्तराखंड में बारिश से बिगड़े हालात
लगातार बारिश के कारण गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर बह रही हैं।
बेलनी क्षेत्र में अलकनंदा नदी किनारे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है। यह बढ़ते जलस्तर की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर भी असर
बारिश और भूस्खलन का असर चारधाम यात्रा मार्गों पर भी देखने को मिल रहा है।
- श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच सिरोबगड़ में भूस्खलन के कारण बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया।
- केदारनाथ हाईवे के बांसबाड़ा क्षेत्र में लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं।
- प्रशासन ने यात्रियों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट पर
जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव दल संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।
इन जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए 20 जुलाई को कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
इन जिलों में देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, चमोली, चंपावत और उत्तरकाशी शामिल हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ समय तक भारी बारिश जारी रह सकती है।
ऐसे में लोगों से नदी-नालों के पास न जाने, भूस्खलन प्रभावित मार्गों पर यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
















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