दो मजदूर दबे; हालत गंभीर, एम्स रेफर
हरिद्वार में फाइव स्टार होटल के निर्माण स्थल पर बड़ा हादसा हो गया। मार्बल के पत्थर उतारते समय अचानक भारी पत्थरों का ढेर खिसक गया।
हादसे में एक मजदूर और ठेकेदार पत्थरों के नीचे दब गए।
pदोनों को गंभीर हालत में रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।
पत्थर उतारते समय अचानक हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक पीलीभीत हाउस होटल निर्माण के लिए राजस्थान से मार्बल पत्थरों से भरी गाड़ी हरिद्वार लाई गई थी।
रात के समय मजदूर गाड़ी से पत्थर उतार रहे थे। इसी दौरान अचानक पत्थरों का ढेर असंतुलित होकर खिसक गया।
देखते ही देखते वहां काम कर रहा मजदूर करण पत्थरों की चपेट में आ गया।

मजदूर को बचाने पहुंचा ठेकेदार, खुद भी दबा
मजदूर को पत्थरों के नीचे दबा देखकर ठेकेदार इमरान उसे बचाने के लिए पहुंचा।
इसी दौरान खिसकते पत्थरों ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया। दोनों के दबने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस तथा दमकल विभाग को सूचना दी।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में मदद की। काफी मशक्कत के बाद दोनों को पत्थरों के बीच से बाहर निकाला गया।
इसके बाद दोनों घायलों को हरिद्वार जिला अस्पताल ले जाया गया।
दोनों के हाथ-पैर में गंभीर चोटें
हादसे में घायल मजदूर की पहचान 30 वर्षीय करण के रूप में हुई है। वह राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला है।
वहीं ठेकेदार की पहचान 45 वर्षीय इमरान के रूप में हुई है। वह हरिद्वार के विष्णु लोक कॉलोनी क्षेत्र में रहता है।
दोनों के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया।
होटल प्रबंधन पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान आसपास के लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे,
लेकिन होटल की ओर से कोई अधिकारी या कर्मचारी बाहर नहीं आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस, दमकल विभाग और आम लोगों की मदद से ही दोनों घायलों को बाहर निकाला जा सका।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
नगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर कुंदन सिंह राणा ने बताया कि घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि पत्थरों को उतारने के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
जांच के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी तय होने की बात कही गई है।















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