रविवार सुबह राजधानी दून में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जन के साथ भारी बारिश शुरू हो गई।
सुबह करीब 9:30 बजे शुरू हुई इस बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
घने बादलों ने दिन में ही अंधेरा कर दिया और कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार थम गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 और 5 मई के लिए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं तेज बारिश, आकाशीय
बिजली, ओलावृष्टि और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा 5 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट
जारी किया गया है। वहीं 2 से 6 मई तक राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट लागू रहेगा।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ओर से सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने और राहत-बचाव टीमों को अलर्ट मोड
पर रखने को कहा गया है। साथ ही सड़क मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।
सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का सफल परीक्षण
राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल के तहत सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का सफल
परीक्षण किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सी-डॉट द्वारा यह परीक्षण पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी किया गया।
इस तकनीक के जरिए अब किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल यूजर्स को तुरंत अलर्ट भेजा
जा सकेगा। यह लोकेशन-आधारित सिस्टम है, जिससे केवल उसी क्षेत्र के लोगों को चेतावनी मिलेगी जहां खतरा मौजूद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि खासतौर पर
चारधाम यात्रा और मानसून सीजन में यह तकनीक लोगों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम से आपदा के समय त्वरित सूचना मिलने से जनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।















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