उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब पूरे प्रदेश के लिए आफत बनती जा रही है।
कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक भूस्खलन और मलबे से सड़कें बंद हैं।
बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ दरक रहे हैं और नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
प्रदेशभर में 170 से ज्यादा सड़कें बंद होने की सूचना है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार राहत एवं सड़क खोलने के काम में जुटी हैं। कई इलाकों में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
कुमाऊं मंडल में बारिश से हाहाकार
कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल जिलों में बारिश का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।
अल्मोड़ा जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर सड़कों पर आ रहे हैं। इससे एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक स्टेट हाईवे और दो जिला मार्गों समेत कुल 23 सड़कें बंद हैं।
सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से संपर्क प्रभावित हुआ है।
लोनिवि और आपदा प्रबंधन की टीमें जेसीबी की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं।
हालांकि, लगातार बारिश के कारण सड़क खोलने का काम भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
कई स्थानों पर सड़क खोलने के बाद दोबारा मलबा आने से यातायात रोकना पड़ रहा है।
मरीजों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
सड़क संपर्क बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाहर जाने वाले लोगों को हो रही है।
अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग को कड़ी मशक्कत के बाद कुछ समय के लिए खोला गया था।
इसके बाद दोबारा मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया।
बारिश के कारण अल्मोड़ा के बाजारों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
खराब मौसम और सड़कें बंद होने के कारण बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही है।
कुमाऊं में इन जिलों की सड़कें प्रभावित
बागेश्वर जिले में 13 सड़कें, पिथौरागढ़ में 24 सड़कें, नैनीताल में 47 सड़कें और चंपावत में 4 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है।
अल्मोड़ा में बंद 23 सड़कों में अल्मोड़ा-घाट-पनार एनएच, अल्मोड़ा-बाड़ेछीना-शेराघाट स्टेट हाईवे सहित कई जिला और ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं।
गढ़वाल में भी बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
कुमाऊं के साथ गढ़वाल मंडल में भी लगातार बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
देहरादून, टिहरी, पौड़ी और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ है।
देहरादून-मसूरी मार्ग पर लगातार बारिश के कारण पानी बैंड के पास सड़क पर मलबा और पहाड़ी का हिस्सा आने से यातायात बाधित हुआ है।
मार्ग को खोलने के बाद दोबारा बारिश से परेशानी बढ़ी।
पौड़ी गढ़वाल में भी भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है।
पैठाणी क्षेत्र में पश्चिमी नयार नदी में एक महिला के बहने की सूचना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तलाश में जुटी हैं।
कोटद्वार के सिगड्डी क्षेत्र में कोल्हू नदी पार करते समय एक परिवार के साथ हादसा हुआ।
हादसे में मां और एक वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि युवक किसी तरह बच गया।
देहरादून से पहाड़ तक बढ़ा खतरा
देहरादून में भी भारी बारिश के बाद नदी और बरसाती नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलभराव और तेज बहाव की स्थिति बनी है।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार भूस्खलन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
24 घंटे में हल्द्वानी में 191.5 मिमी और कालसी में 166 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश ने बिगाड़ी पूरे प्रदेश की रफ्तार
कुमाऊं में 100 से ज्यादा सड़कों के बंद होने के साथ गढ़वाल में भी कई प्रमुख मार्ग प्रभावित हैं।
ऐसे में बारिश ने पूरे उत्तराखंड की परिवहन व्यवस्था को प्रभावित किया है।
लगातार बारिश के बीच सबसे बड़ी चुनौती सड़क संपर्क बहाल करने और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
















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