पति और ननद पहले से जेल में, अब 10 अगस्त को नियमित जमानत याचिका पर होगी सुनवाई
राजधानी देहरादून के डोईवाला थाना क्षेत्र में चर्चित सृष्टि कंडारी संदिग्ध मौत मामले में मृतका की सास प्रवीना खत्री को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर की गई उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका को प्रभारी सत्र न्यायाधीश मोनिका मित्तल की अदालत ने खारिज कर दिया।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से इनकार किया।
गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए कोर्ट ने राहत से किया इनकार
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया एफआईआर में आरोपियों पर मृतका को
दहेज के लिए प्रताड़ित करने और दहेज हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ऐसे मामलों में अभियोजन पक्ष को सुने बिना अंतरिम अग्रिम जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।
इसी आधार पर अदालत ने प्रवीना खत्री की अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
पति और ननद पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही सृष्टि कंडारी के पति सौरभ खत्री और ननद को गिरफ्तार कर चुकी है।
दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
इसके बाद तीसरी आरोपी और मृतका की सास प्रवीना खत्री ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सत्र न्यायालय
में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन उन्हें भी अदालत से राहत नहीं मिली।
आठ महीने पहले हुई थी शादी
सृष्टि कंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीकोट (श्रीनगर) की रहने वाली थीं और सरकारी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं।
उनकी शादी करीब आठ महीने पहले डोईवाला थाना क्षेत्र के हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी।
मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही सृष्टि को दहेज और अन्य मांगों को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
इसी दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
दहेज हत्या समेत कई धाराओं में दर्ज है मुकदमा
मृतका के परिजनों की शिकायत पर डोईवाला पुलिस ने दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पति और ननद की गिरफ्तारी हुई और अब सास की अंतरिम अग्रिम जमानत भी खारिज होने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।
10 अगस्त को होगी नियमित अग्रिम जमानत पर सुनवाई
अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए नियमित अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 10 अगस्त 2026 की तारीख तय की है।
अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत नियमित अग्रिम जमानत पर फैसला करेगी।
















Leave a Reply