उत्तराखंड इंसानियत मंच के प्रतिनिधिमंडल ने डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर) को सौंपा ज्ञापन
कोटद्वार में एक मुस्लिम व्यापारी की मदद के लिए आगे आए दीपक कुमार
और विजय रावत के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में उत्तराखंड इंसानियत मंच का
प्रतिनिधिमंडल डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर) धीरेन्द्र गुंज्याल से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए मुकदमा तत्काल वापस लेने की मांग की।
मुकदमा बताया गया झूठा और दुर्भावनापूर्ण
उत्तराखंड इंसानियत मंच के डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमा
पूरी तरह से झूठा और निराधार है।
उन्होंने कहा कि दीपक ने जो कार्य किया, वह समाज में भाईचारे को मजबूत करता है
और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करता है। ऐसे कार्यों को अपराध की श्रेणी में रखना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता
मंच की सदस्य कमला पंत ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही सांप्रदायिक घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में ढील बरत रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंच रहा है।
पुलिस के व्यवहार पर उठे सवाल
त्रिलोचन भट्ट ने कहा कि वे स्वयं कोटद्वार में दीपक के साथ मौजूद थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक के साथ पुलिस का व्यवहार उचित नहीं रहा।
उनसे मिलने थाने पहुंचे तीन युवकों को कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा गया।
उन्होंने बताया कि दीपक पुलिस का पूरा सहयोग कर रहा है और पुलिस के कहने पर उसने एक अपील भी जारी की, इसके बावजूद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में परमजीत सिंह कक्कड़, निर्मला बिष्ट, मंजू नेगी, डॉ. एस.एन. सचान, हरवीर सिंह कुशवाहा, विजय भट्ट और हरि ओम पाली भी शामिल रहे।
डीआईजी ने दिया आश्वासन
डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर) धीरेन्द्र गुंज्याल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन
दिया कि उनकी मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
















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