हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय I
CSSR प्रायोजित रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला का तीसरा दिन शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यशाला में शोधार्थियों और प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए विभिन्न सत्रों में शोध से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा।
विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम के प्रथम और द्वितीय सत्र की रिसोर्स पर्सन प्रो. स्वाती नेगी (परीक्षा नियंत्रक, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय) रहीं।
उन्होंने प्रतिभागियों को अनुसंधान की अवधारणा, अनुसंधान डिज़ाइन, क्रियात्मक अनुसंधान और व्यवस्थित समीक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
साथ ही, द्वितीय सत्र में इन विषयों का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देकर व्यावहारिक समझ विकसित कराई गई।
उद्धरण शैली और डेटा विश्लेषण पर प्रशिक्षण
तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में डॉ. हर सिंह बिष्ट (डेप्युटी लाइब्रेरियन, गढ़वाल विश्वविद्यालय) ने प्रतिभागियों को उद्धरण
शैलियाँ, संदर्भ प्रबंधन उपकरण और साहित्यिक चोरी (Plagiarism) के विषय में जानकारी दी। इसके साथ ही
Atlas.ti और NVivo जैसे डेटा विश्लेषण टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी जोर
कार्यशाला में प्रतिभागियों को मंच संचालन, रिपोर्ट लेखन जैसी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे उनके समग्र कौशल का विकास हो सके।
कार्यशाला के संयोजक डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित किया गया है, जो आगामी सत्रों में PPT के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
वहीं सह-संयोजक डॉ. आलोक सागर गौतम ने रिसोर्स पर्सन का आभार व्यक्त करते हुए सत्र के सफल समापन की घोषणा की।
प्रतिभागियों ने संभाली संचालन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम का संचालन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की प्रतिभागी रिंकी पांडेय एवं गढ़वाल विश्वविद्यालय की
प्रतिभागी अक्षिता चौधरी द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित



















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