हरिद्वार में भगवान विश्वनाथ-मां जगदीशिला की 27वीं डोली यात्रा पहुंची।
श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर गंगा पूजन किया और डोली को गंगा स्नान कराया।
गंगा स्नान के बाद यात्रा रवाना
पूजा और स्नान के बाद डोली यात्रा आगे के लिए रवाना हो गई।
पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हुए।
हरकी पैड़ी पर डोली का स्वागत पूरे विधि-विधान के साथ किया गया।
चारधाम सहित कई तीर्थों का करेगी भ्रमण
यह डोली यात्रा हरिद्वार से शुरू होकर उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों का भ्रमण करती है।
यात्रा:
- चारधाम स्थलों के दर्शन करेगी
- विभिन्न धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगी
- अंत में टिहरी गढ़वाल के विशॉन पर्वत पहुंचेगी
यात्रा का उद्देश्य
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य:
- विश्व शांति का संदेश देना
- संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण
- पलायन रोकने के लिए जागरूकता फैलाना
इस वर्ष यात्रा का एक नया उद्देश्य भी जोड़ा गया है। हिमालय पर्वत की आरती शुरू करने का संकल्प लिया गया है।
नैथानी ने हिमालय आरती पर दिया जोर
मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि उत्तराखंड में हिमालय पर्वत की आरती भी शुरू होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए आरती तैयार कर ली गई है।
उन्होंने सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की अपील की।
परंपरा और आस्था का प्रतीक
यह डोली यात्रा हर साल आयोजित की जाती है और अब एक परंपरा बन चुकी है।
स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां देवी-देवताओं का वास है। यह यात्रा धार्मिक एकता को मजबूत करती है।
गंगा दशहरा पर होगा समापन
डोली यात्रा का समापन गंगा दशहरा के अवसर पर विशॉन पर्वत स्थित बाबा विश्वनाथ धाम में होगा।
यह यात्रा गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र को धार्मिक रूप से जोड़ने का कार्य करती है।















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