राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया उत्तराखंड का मान
रुद्रप्रयाग जिले की व्यायाम शिक्षिका रीना बागड़ी ने ऑल इंडिया खो-खो रेफरी बनकर
उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज टैठी में तैनात रीना बागड़ी ने
राष्ट्रीय स्तर की खो-खो रेफरी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर के प्रतिभागियों में टॉप-10 में स्थान हासिल किया।
यह उपलब्धि न केवल रुद्रप्रयाग जिले बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है।
क्षेत्र में उनकी सफलता को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है।
62 प्रतिभागियों में बनाई खास पहचान
उत्तराखंड में आयोजित इस राष्ट्रीय परीक्षा में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 62 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
इनमें से 51 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए।
रुद्रप्रयाग जनपद से रीना बागड़ी अकेली प्रतिभागी थीं, जिन्होंने अपनी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
टॉप-10 में स्थान बनाना उनकी प्रतिभा और समर्पण को दर्शाता है।
अब राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निभाएंगी रेफरी की जिम्मेदारी
ऑल इंडिया खो-खो रेफरी बनने के बाद अब रीना बागड़ी राष्ट्रीय स्तर की खो-खो प्रतियोगिताओं में रेफरी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
यह जिम्मेदारी खेल जगत में उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को और मजबूत बनाएगी।
इससे पहले भी वह सिविल सर्विसेज राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं
और खेल क्षेत्र में लगातार सक्रिय रही हैं।
कई खिलाड़ियों को दिलाई नई पहचान
रीना बागड़ी लंबे समय से विद्यालयी खेल गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। उनके मार्गदर्शन में कई छात्र-छात्राओं ने जिला,
राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
खेल के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की लगन उन्हें एक प्रेरणादायक शिक्षिका बनाती है।
सफलता का श्रेय परिवार और गुरुओं को
अपनी इस उपलब्धि पर रीना बागड़ी ने इसका श्रेय अपने परिवार, विद्यालय परिवार और खेल प्रशिक्षकों को दिया।
उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि आगे भी वह खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रखेंगी।
क्षेत्र में खुशी की लहर
रीना बागड़ी की इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों, खेल प्रेमियों और शिक्षकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
लोगों का कहना है कि यह सफलता पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणा है
और आने वाली पीढ़ी को खेलों में आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करेगी।
















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