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Union Budget 2026: गेमिंग, क्लाउड, डेटा सेंटर से लेकर टैक्स तक

बजट की 7 सबसे बड़ी बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया।

यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। करीब 85 मिनट लंबे बजट भाषण में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी, किसानों और एमएसएमई सेक्टर को लेकर कई बड़े और दूरगामी फैसले किए।

7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स का ऐलान

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की।

इसके साथ ही आयुष और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए 3 नए आयुर्वेदिक एम्स स्थापित किए जाएंगे।

सरकार का लक्ष्य मेडिकल टूरिज्म और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है।

कैंसर की 17 दवाएं ड्यूटी फ्री, कस्टम ड्यूटी में राहत

आम लोगों को राहत देते हुए सरकार ने कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म

करने का ऐलान किया।

इसके अलावा कई अन्य उत्पादों पर भी कस्टम ड्यूटी घटाई गई,

जिससे दवाओं और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।

विदेश यात्रा, शिक्षा और इलाज पर TCS में कटौती

बजट 2026 में विदेश यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा खर्च पर लगने वाली TCS दर को घटा दिया गया है

इससे विदेश में पढ़ाई, इलाज या यात्रा करने वाले मध्यम वर्ग को सीधा फायदा मिलेगा।

पूंजीगत व्यय बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये

सरकार ने अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) बढ़ाकर

12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।

इसका बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, सड़क, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास पर खर्च किया जाएगा।

MSME, सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा पर फोकस

बजट में MSME, हाई-स्पीड रेल, बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, आयुष संस्थान और मेडिकल टूरिज्म हब्स

को रणनीतिक निवेश के रूप में चिन्हित किया गया है।

सरकार का मानना है कि इन सेक्टर्स से रोजगार और निर्यात दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

किसानों और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए AI आधारित व्यवस्था

किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल लाने की घोषणा की गई है, जिससे खेती से जुड़ी जानकारी

और सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।

वहीं छोटे टैक्सपेयर्स के लिए ऑटोमेटेड टैक्स प्रोसेस लागू करने का फैसला लिया गया है, ताकि अनुपालन सरल हो सके।

इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने दिखाई ग्रोथ की तस्वीर

बजट से पहले पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था को

लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं।

सर्वे के अनुसार आगामी वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% तक GDP ग्रोथ का अनुमान है। घरेलू मांग में मजबूती और निवेश में सुधार इसकी प्रमुख वजह बताई गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026-27 पेश करते हुए डिजिटल इकोनॉमी, गेमिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा को बड़ा बूस्ट दिया है।

वहीं टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं कर सरकार ने साफ संकेत दिया कि फोकस ग्रोथ और निवेश पर रहेगा। बजट भाषण के दौरान शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला।

गेमिंग और क्रिएटर इकोनॉमी को पहली बार शिक्षा से जोड़ा

बजट 2026 का सबसे मजबूत संदेश AVGC सेक्टर (Animation, VFX, Gaming, Comics) के लिए आया।

सरकार ने 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की घोषणा की है।

इससे छोटे शहरों के युवाओं को प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर और टूल्स तक सीधी पहुंच मिलेगी

और गेमिंग को एक गंभीर करियर विकल्प के रूप में बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च

फास्ट इंटरनेट, मजबूत नेटवर्क और बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है।

इसका सीधा फायदा ऑनलाइन गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, क्लाउड और AI प्लेटफॉर्म्स को मिलेगा, खासकर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को।

डेटा सेंटर और क्लाउड कंपनियों को बड़ी राहत

विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट देने का ऐलान किया गया है, बशर्ते वे भारत में डेटा सेंटर का उपयोग करें।

इससे देश में डेटा स्टोरेज, साइबर सिक्योरिटी और टेक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, हालांकि आम यूजर को इसका असर धीरे-धीरे दिखेगा।

बजट 2026 की 7 बड़ी घोषणाएं

  • इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
  • रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 31 मार्च तक
  • टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए ₹12.2 लाख करोड़
  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
  • 3 आयुर्वेदिक AIIMS और 5 मेडिकल टूरिज्म हब
  • हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल
  • कैंसर सहित 17 दवाएं ड्यूटी फ्री

क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा

कपड़े, जूते, मोबाइल बैटरियां, लिथियम-आयन सेल और सोलर ग्लास सस्ते हुए हैं,

जबकि तंबाकू, सिगरेट, विदेशी शराब, लग्जरी वस्तुएं और सोना-चांदी महंगे हो सकते हैं।

STT बढ़ते ही शेयर बाजार में हाहाकार

डेरिवेटिव्स और F&O पर STT बढ़ाने के ऐलान के बाद सेंसेक्स करीब 2000 अंक और निफ्टी 700 अंक तक टूट गया।

निवेशकों को एक ही झटके में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

https://youtu.be/S9heJmkPpGg?si=7UCK_0i30OEgZAnV
https://regionalreporter.in/uttarakhand-weather-forecast/

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