बांग्लादेश की 13वीं संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 20 वर्षों बाद सत्ता में वापसी की है।
अनौपचारिक नतीजों के अनुसार BNP ने 297 में से 209 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है।
पार्टी प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान पहली बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।
खालिदा जिया के निधन के कारण जीत का जश्न स्थगित
BNP अध्यक्ष तारिक रहमान ने चुनाव में जीत के बाद कहा कि उनकी मां और पार्टी प्रमुख खालिदा जिया के हालिया निधन के चलते विजय उत्सव स्थगित किया जा रहा है।
पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे शुक्रवार की नमाज़ के बाद खालिदा जिया की आत्मा की शांति के लिए दुआ करें।
चुनाव में लगभग 60% मतदान, सुबह से लंबी कतारें
चुनाव के दिन मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह 6 बजे से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग गईं।
चुनाव आयोग के अनुसार कुल मतदान प्रतिशत लगभग 60 रहा, जिसे देश के हालिया राजनीतिक हालात के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अवामी लीग पर प्रतिबंध, चुनावी मुकाबला रहा सीमित
यह चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम रहा क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
इसके चलते चुनाव मुख्य रूप से BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच सिमट गया।
जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें, भारत से सटे इलाकों में बढ़ा प्रभाव
कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीतकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। खासतौर पर भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे पश्चिमी इलाकों में पार्टी की मजबूत मौजूदगी दर्ज की गई है।
इसे भारत की सुरक्षा और कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान, अंतरिम सरकार का कार्यकाल समाप्त
BNP नेता तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। वह अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे,
जिनके कार्यकाल के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों में ठंडापन देखा गया था। BNP ने रविवार तक नई सरकार के गठन की घोषणा की है।
जनमत संग्रह में ‘हां’ को बहुमत, 84-सूत्रीय सुधार पैकेज को मंजूरी
संसदीय चुनावों के साथ आयोजित जनमत संग्रह में जुलाई नेशनल चार्टर के तहत प्रस्तावित 84-सूत्रीय सुधार पैकेज को जनता की मंजूरी मिली है।
चुनाव आयोग के अनुसार जनमत संग्रह में 60.3 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें ‘हां’ पक्ष को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ।
हिंसा के शिकार परिवारों को नई सरकार से न्याय की उम्मीद
चुनाव के बाद हिंसा पीड़ित परिवारों ने नई सरकार से न्याय की उम्मीद जताई है।
दिसंबर में भीड़ हिंसा में मारे गए परिधान श्रमिक दीपु चंद्र दास के परिवार ने कहा कि उन्होंने लोकतंत्र में विश्वास रखते हुए मतदान किया है और अब नई सरकार से त्वरित न्याय की अपेक्षा है।
राजनीतिक बदलाव के दौर में बांग्लादेश, आगे की राह चुनौतीपूर्ण
लगातार राजनीतिक अस्थिरता, अल्पसंख्यकों पर हमलों और कट्टरपंथी दलों के उभार के बीच BNP की यह जीत बांग्लादेश के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
आने वाला समय यह तय करेगा कि नई सरकार लोकतंत्र, सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन को किस दिशा में ले जाती है।
















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