पूर्व सैनिकों ने साझा किए अनुभव, असम-अरुणाचल में आतंकवाद विरोधी अभियानों को किया याद
श्रीनगर गढ़वाल स्थित होटल सम्राट में रविवार को 16वीं बटालियन का
46वां स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम में बटालियन के कई पूर्व सैनिक शामिल हुए और उन्होंने अपने सेवा काल के अनुभव साझा किए।
असम और अरुणाचल में निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम के दौरान सुबेदार लाखन सिंह कंडारी ने बताया कि 16वीं बटालियन ने
असम और अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती के दौरान जवानों को
कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है, लेकिन राष्ट्र सेवा सर्वोपरि रहती है।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में योगदान देने के बाद वर्तमान में बटालियन हिमाचल प्रदेश में तैनात है,
जहां चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी निभाई जा रही है।

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अरुणाचल से एनएसजी तक का सफर
बटालियन के एक अन्य पूर्व सैनिक भट्ट ने बताया कि उनकी पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में हुई थी,
जहां बटालियन ने विशेष योगदान दिया।
उन्होंने 14 राष्ट्रीय राइफल्स में भी अपनी सेवाएं दीं और बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो के रूप में कार्य करते हुए देश की सुरक्षा में योगदान दिया।
पूर्व सैनिकों का सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में उपस्थित पूर्व सैनिकों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में बटालियन के गौरवशाली इतिहास, वीरता और बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया गया।
















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