पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में हुई हिंसा और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है।
घटना के बाद पश्चिम बंगाल सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर 1 जून को भबानी भवन स्थित सीआईडी
कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। हमले के दौरान अभिषेक बनर्जी पर कथित रूप से अंडे और चप्पल फेंके गए थे।
ममता बनर्जी ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने घटना पर चिंता जताते हुए अस्पताल में इलाज के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल
खड़े किए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों का समाधान हिंसा नहीं हो सकता और इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक
मूल्यों के खिलाफ हैं।
डॉक्टरों ने बताया सुरक्षित, ममता ने जताई चिंता
डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट में अभिषेक बनर्जी को मामूली चोटें आने की बात कही गई है।
हालांकि ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी आंखों में समस्या है और उन्हें अतिरिक्त चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अभिषेक पहले भी कई सर्जरी से गुजर चुके हैं।
राहुल गांधी ने भाजपा पर साधा निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी सांसद पर हमला लोकतंत्र और जनता के
जनादेश पर हमला है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद हिंसा का
कारण नहीं बन सकते।
विपक्षी नेताओं की आईं अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा की संस्कृति समाप्त होनी चाहिए।
वहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर डर और धमकी का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी हमले की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध को हिंसक रूप नहीं दिया जाना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने टीएमसी पर साधा निशाना
पश्चिम Bengal के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर हमला उचित नहीं है, लेकिन जनता में लंबे समय से नाराजगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के दौरान लोगों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिसके चलते जनाक्रोश देखने को मिला।
महिलाओं ने भी किया विरोध प्रदर्शन
घटना के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं घरों से बाहर निकलकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं।
प्रदर्शनकारियों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले को लेकर भी टीएमसी नेतृत्व पर सवाल उठाए और न्याय की मांग की।
CID जांच जारी, राजनीतिक बयानबाजी तेज
सीआईडी ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
राजनीतिक दल इसे लोकतंत्र, कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा से जोड़कर देख रहे हैं।

लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.















Leave a Reply