₹1.11 लाख करोड़ का बजट पारित
गैरसैंण में पांच दिन चली कार्यवाही, 12 विधेयक और 4 अध्यादेश मंजूर
गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 2026
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
सत्र 9 मार्च से शुरू हुआ था और पांच दिनों तक चला। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया, साथ ही 12 विधेयकों और 4 अध्यादेशों को मंजूरी दी गई।
सत्र के दौरान कुल 41 घंटे 10 मिनट की कार्यवाही हुई।
बजट सत्र की प्रमुख उपलब्धियां
- वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित
- विनियोग विधेयक समेत 12 विधेयकों को मंजूरी
- 4 अध्यादेशों को स्वीकृति
- 291 प्रश्नों के उत्तर दिए गए
- 50 अल्प सूचित प्रश्न प्राप्त
- 545 तारांकित प्रश्न प्राप्त
पारित प्रमुख अध्यादेश
- उत्तराखंड दुकान और स्थापना (संशोधन) अध्यादेश 2025
- उत्तराखंड जन विश्वास (संशोधन) अध्यादेश 2025
- उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025
- उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026
प्रमुख विधेयक
सत्र में जिन प्रमुख विधेयकों को मंजूरी दी गई, उनमें शामिल हैं:
- उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (संशोधन) विधेयक 2026
- उत्तराखंड जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026
- उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026
- समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक 2026
- कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक 2026
- अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2026
- भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026
- देवभूमि परिवार विधेयक 2026
- निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026
- सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक 2026
- अन्य संबंधित संशोधन विधेयक
बजट का विवरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट पेश किया था। यह पिछले वर्ष की तुलना में 10.41 प्रतिशत अधिक है।
प्रमुख आंकड़े:
- कुल अनुमानित राजस्व: ₹1,11,703.21 करोड़
- राजस्व प्राप्तियां: ₹67,525.77 करोड़
- पूंजीगत प्राप्तियां: ₹42,617.35 करोड़
- अनुमानित राजकोषीय घाटा: ₹12,579.70 करोड़
सरकार ने इस बजट को आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड की दिशा में संतुलित बताया।
विपक्ष का बयान
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विपक्ष ने सत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाई और सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सत्र को समय से पहले समाप्त करना चाहती थी।
कांग्रेस विधायकों ने भी विभागीय जवाबों और आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए।
भाजपा का पक्ष
भाजपा विधायकों ने सत्र की कार्यवाही को सफल बताया। उनका कहना है कि विपक्ष ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठकों में भाग नहीं लिया और केवल विरोध की राजनीति की।
















Leave a Reply