श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाएं तेज
खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट, यात्रा मार्ग पर स्वच्छ और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के लिए नई रणनीति लागू
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू होने जा रही है।
इस वर्ष यात्रा में पिछले साल की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना
को देखते हुए राज्य के सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुट गए हैं।
बढ़ती भीड़ के मद्देनज़र व्यवस्थाओं पर विशेष जोर
हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस बार संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है,
जिसके चलते प्रशासन का फोकस बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है,
ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, हाइजीन पर खास निगरानी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यात्रा को देखते हुए अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा मार्ग पर मिलने वाला भोजन स्वच्छ और सुरक्षित हो।
यात्रा सीजन में अक्सर यह शिकायतें सामने आती हैं कि कुछ खाद्य प्रतिष्ठान साफ-सफाई
और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखते, जिससे श्रद्धालु बीमार हो जाते हैं। इसी को रोकने के लिए इस बार विशेष अभियान चलाया जाएगा।
क्विक रिस्पांस टीम करेगी निगरानी, क्रॉस-इंस्पेक्शन लागू
विभाग ने नई रणनीति के तहत क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया है।
- कुमाऊं की टीम को गढ़वाल में
- गढ़वाल की टीम को कुमाऊं में निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा
इससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
मोबाइल टेस्टिंग वैन और लाइसेंस अनिवार्य
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार:
- ऋषिकेश और हरिद्वार में मोबाइल टेस्टिंग वैन तैनात की जाएंगी
- पुलिस के सहयोग से नियमित जांच होगी
- सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को अपना लाइसेंस स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा
पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष ध्यान
यात्रा के दौरान पर्वतीय इलाकों में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
















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