गर्मियों में भी बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता
विशेषज्ञों की चेतावनी–धूल, ओजोन और शहरीकरण से बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य पर गंभीर असर
भारत में वायु प्रदूषण अब केवल सर्दियों तक सीमित समस्या नहीं रह गया है,
बल्कि यह पूरे वर्ष बना रहने वाला गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हालिया आंकड़ों के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि देश के कई हिस्सों,
विशेषकर राजधानी क्षेत्र में, साल के अधिकांश समय हवा की गुणवत्ता खराब बनी रहती है।
गर्मियों में भी बढ़ रहा प्रदूषण, धूल और ओजोन बने प्रमुख कारण
विश्लेषण से पता चलता है कि मार्च से जून के बीच भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना रहता है।
इस दौरान धूल (PM10) और ग्राउंड-लेवल ओजोन (O₃) प्रमुख प्रदूषक के रूप में सामने आते हैं।
तेज धूप और उच्च तापमान के कारण वायुमंडल में रासायनिक प्रतिक्रियाएं तेज हो जाती हैं, जिससे ओजोन का स्तर बढ़ता है।
मानकों से कहीं अधिक प्रदूषक स्तर
रिपोर्ट के अनुसार:
- PM10 का स्तर राष्ट्रीय मानकों से लगभग दोगुना दर्ज किया गया।
- PM2.5 का स्तर भी सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक पाया गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के मुकाबले भारत में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है,
जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
17 शहरों में ‘खराब’ श्रेणी की हवा
16 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा सहित देश के 17 शहरों में
हवा की गुणवत्ता “खराब” श्रेणी में दर्ज की गई।
इससे साफ है कि प्रदूषण अब किसी एक मौसम या क्षेत्र तक सीमित नहीं है।
प्रदूषण के बदलते पैटर्न के पीछे कई कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण के इस नए ट्रेंड के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं:
- तेजी से बढ़ता शहरीकरण
- वाहनों से निकलने वाला धुआं
- लगातार निर्माण कार्य
- धूल भरी आंधियां
- जलवायु परिवर्तन
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के अध्ययन में भी सामने आया है कि अब ओजोन प्रदूषण सालभर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर, डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि अब पूरे साल प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं।
- अस्थमा और COPD के केस बढ़े
- लगातार खांसी और सांस की समस्या आम
- हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक PM2.5 जैसे सूक्ष्म कणों के संपर्क में रहना फेफड़ों के साथ-साथ दिल की बीमारियों और कैंसर तक का कारण बन सकता है।
















Leave a Reply