दो दिन से बिजली संकट से लोग परेशान
श्रीनगर में पिछले दो दिनों से बिजली संकट गहराने लगा है।
ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी के चलते शहर के कई इलाकों समेत बिल्केदार
और डांग क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
भीषण गर्मी के बीच लगातार कटौती से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार मई महीने में बढ़ती गर्मी और बिजली की अत्यधिक खपत के कारण अचानक लोड बढ़ गया,
जिससे ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई।
गुरुवार को भी दिनभर कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही। इससे पहले बुधवार को
भी बिजली आपूर्ति देर रात जाकर बहाल हो पाई थी।
पेयजल संकट और गर्मी से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती का असर पेयजल आपूर्ति, दुकानों और घरेलू कामकाज पर पड़ रहा है।
कई घरों में मोटर के जरिए छतों की टंकियों में पानी चढ़ाया जाता है,
लेकिन बिजली न होने से पानी की समस्या भी बढ़ गई है।
भीषण गर्मी के बीच छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
21 मई को डांग क्षेत्र में सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक बिजली बाधित रही,
जबकि उसके बाद श्रीनगर बाजार में भी लंबे समय तक अंधेरा छाया रहा।
विभाग वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा
बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी प्रवेश कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी।
विभागीय टीम ने देर रात तक उसे ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
उन्होंने बताया कि फिलहाल अलग-अलग लाइनों से वैकल्पिक बिजली आपूर्ति देने की कोशिश की जा रही है।
साथ ही नया ट्रांसफार्मर मंगवा लिया गया है, जिसे जल्द स्थापित किया जाएगा।
विभाग के अनुसार शनिवार तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
AQI 390 पार, स्वास्थ्य पर भी असर
श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली संकट के साथ वनों की आग और खराब वायु गुणवत्ता ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
डाॅ. आलोक सागर गौतम के अनुसार गढ़वाल घाटी का AQI 390 के पार पहुंच चुका है,
जो स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब वायु गुणवत्ता का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी मरीजों पर पड़ रहा है।




















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