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NEET पेपर लीक में NTA के अंदरूनी कनेक्शन का शक

केमिस्ट्री के सवाल 100% मैच

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG पेपर लीक मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं।

जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक का कनेक्शन सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के अंदर तक पहुंचा हुआ है।

खासतौर पर केमिस्ट्री के सवालों ने जांच एजेंसियों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है।

केमिस्ट्री के सवाल असली पेपर से 100% मैच

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लीक हुए कथित “गेस पेपर” में मौजूद केमिस्ट्री के

सवाल असली NEET पेपर से पूरी तरह मेल खाते थे।

यही वह सबसे बड़ा संकेत था, जिसके बाद NTA ने अपने स्तर पर जांच शुरू की।

बताया जा रहा है कि परीक्षा के बाद सीकर के एक शिक्षक ने NTA को पेपर लीक की जानकारी दी थी।

शिक्षक ने कथित लीक पेपर की PDF भी एजेंसी को भेजी।

जब NTA ने इसकी तुलना असली प्रश्नपत्र से की तो केमिस्ट्री के सभी सवाल एक जैसे पाए गए, जबकि बायोलॉजी के भी कई प्रश्न मेल खाते थे।

CBI को सौंपी गई ट्रांसलेटर्स और पेपर सेटर्स की लिस्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए NTA ने तुरंत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI को उन लोगों की सूची सौंपी,

जो पेपर तैयार करने और ट्रांसलेशन प्रक्रिया से जुड़े थे।

सूत्रों के अनुसार इस सूची में कुल 26-27 लोग शामिल हैं।

इनमें करीब 24 ट्रांसलेटर्स और तीन पेपर सेटर्स बताए जा रहे हैं।

ये लोग फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री से जुड़े प्रश्न तैयार करने में शामिल थे।

ट्रांसलेटर्स की भूमिका जांच के घेरे में

NEET परीक्षा कई भाषाओं में आयोजित की जाती है। ऐसे में ट्रांसलेटर्स की भूमिका बेहद अहम होती है।

एक व्यक्ति अंग्रेजी से दूसरी भाषा में प्रश्नपत्र का अनुवाद करता है,

जबकि दूसरा उसे दोबारा अंग्रेजी में ट्रांसलेट करता है ताकि किसी तरह की गलती न रहे।

जांच एजेंसियों को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान पेपर बाहर पहुंचा।

पिछले सप्ताह पी. वी. कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है।

उन पर केमिस्ट्री सेक्शन के सवाल तैयार करने और मराठी अनुवाद से जुड़े होने का आरोप है।

NTA ने बदली पूरी टीम

पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने बड़ा कदम उठाते हुए केमिस्ट्री, फिजिक्स

और बायोलॉजी तीनों विषयों के पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटर्स बदल दिए हैं।

एजेंसी ने नई टीम तैयार की है और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को पहले से ज्यादा सख्त किया गया है।

इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए मौजूदा SOP में भी बदलाव किए जा रहे हैं।

NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव

पेपर लीक विवाद के बाद NTA के भीतर प्रशासनिक स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं।

पहली बार एजेंसी में Chief Technology Officer यानी CTO का पद बनाया गया है।

इसके साथ CFO और General Manager Human Resources जैसे नए पद भी जोड़े गए हैं।

एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित माहौल में होती है।

पेपर ऐसे कमरों में बनाए जाते हैं जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं होती

और पेपर सेटर्स को मोबाइल या लैपटॉप ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती।

21 जून की परीक्षा पर फोकस

अब एजेंसी की सबसे बड़ी चुनौती 21 जून को होने वाली परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष

और सुरक्षित तरीके से आयोजित करना है। इसी को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी राज्यों के डीएम और पुलिस अधिकारियों

के साथ बैठक कर परीक्षा सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए हैं।

उम्मीद की जा रही है कि इस बार छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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