वन मंत्री से की आर्थिक सहायता की मांग
टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कीर्तिनगर ब्लॉक के
पीपली गांव में जंगल की आग में झुलसकर हुई अंजू देवी की दर्दनाक मौत के बाद अब
मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गर्माने लगा है।
युवा सामाजिक कार्यकर्ता ऋतांशु कंडारी ने पीड़ित परिवार के समर्थन में आगे आते हुए
वन मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर आर्थिक सहायता की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को राहत राशि और आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
देहरादून पहुंचकर वन मंत्री से मिले ऋतांशु कंडारी
ऋतांशु कंडारी ने देहरादून पहुंचकर वन मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने मंत्री से मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिया जाए।
कंडारी ने कहा कि परिवार पहले से आर्थिक संघर्षों से जूझ रहा है
और अब घर की मुखिया के निधन से उन पर दुखों का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है।
सोशल मीडिया पर भी उठाया मामला
ऋतांशु कंडारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी इस घटना को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने लिखा कि वह हर परिस्थिति में परिवार के साथ खड़े हैं और सरकार से पीड़ित परिवार को मदद दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।
उनकी इस पहल को क्षेत्र में लोगों का समर्थन भी मिल रहा है।
क्या है पूरा मामला
20 मई को 50 वर्षीय अंजू देवी घर से करीब 500 मीटर दूर जंगल में लकड़ी लेने गई थीं।
इसी दौरान पैर फिसलने के कारण वह नीचे गिर गईं और जंगल में लगी आग की चपेट में आ गईं।
शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने तलाश शुरू की।
काफी खोजबीन के बाद उनका शव जंगल से बरामद हुआ।
परिजनों के मुताबिक उनका शरीर 40 से 50 प्रतिशत तक झुलस चुका था।
वन विभाग पर उठ रहे सवाल
परिवार का आरोप है कि आग वन विभाग के जंगल से फैली थी, लेकिन विभाग मुआवजा देने से इनकार कर रहा है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जंगल की आग पर काबू पाया जाता तो यह हादसा टल सकता था।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग लगातार बढ़ रही है।
















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