पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में राजनीतिक और सामाजिक तनाव के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए
हैं। रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई,
जबकि 70 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह हिंसा 9 जून को प्रस्तावित क्षेत्रव्यापी बंद से पहले उस समय भड़क गई जब JAAC समर्थक एक मृत
कार्यकर्ता के शव को लेकर अस्पताल के बाहर एकत्र हुए थे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को
हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव शुरू हो गया।
पूनछ सेक्टर के आयुक्त सरदार वहीद खान के अनुसार, हिंसा में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई है।
वहीं सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि झड़पों में 23 सुरक्षाकर्मी और लगभग 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
हालांकि स्थानीय लोगों और JAAC समर्थकों का दावा है कि नागरिक हताहतों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से अधिक हो सकती है।
क्यों भड़का विरोध?
विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह 45 सदस्यीय विधानसभा में 12 सीटों को पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में रह रहे शरणार्थियों के
लिए आरक्षित किए जाने का फैसला बताया जा रहा है। JAAC का आरोप है कि इससे स्थानीय लोगों के राजनीतिक अधिकार
प्रभावित होंगे और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व कमजोर पड़ेगा।
इसके अलावा संगठन लंबे समय से महंगाई, बिजली संकट, बेरोजगारी, प्रशासनिक समस्याओं और राजनीतिक उपेक्षा जैसे मुद्दों
को लेकर आंदोलन करता रहा है। बीते दो वर्षों में आटा और बिजली की बढ़ती कीमतों को लेकर भी कई बड़े प्रदर्शन हुए थे।
मानवाधिकार आयोग ने जताई चिंता
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के
तहत प्रतिबंध लगाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित किए
बिना संवाद संभव नहीं है और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
सुरक्षा बढ़ी, इंटरनेट सेवाओं पर असर
क्षेत्र में आगामी चुनावों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं,
सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है और JAAC के केंद्रीय कार्यालय को भी सील किए जाने की खबर है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
बिगड़ते हालात को देखते हुए ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की
है। इन देशों ने संभावित सड़क बंदी, सुरक्षा अभियान, संचार सेवाओं में व्यवधान और बढ़ते तनाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच पीओके की स्थिति पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजरें टिकी हुई हैं।















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