नगरासू घटना के विरोध में रुद्रप्रयाग के गुलाबराय क्षेत्र में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और स्वाभिमान मोर्चा के नेतृत्व में एक
जनसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने नगरासू में हुई घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया
कि मामले में शामिल निहंग सिखों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। साथ ही उत्तराखंड और गढ़वाली
समाज के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी रोष जताया गया।
उत्तराखंड की अस्मिता से समझौता नहीं: आशीष नेगी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूकेडी नेता आशीष नेगी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अराजकता फैलाने वाले तत्वों के
लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का हमेशा स्वागत है, लेकिन कानून
व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने हाल के दिनों में उत्तराखंड आने की चेतावनी देने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई उत्तराखंड की
अस्मिता, संस्कृति और सम्मान को चुनौती देने का प्रयास करेगा तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
स्वाभिमान मोर्चा के नेता त्रिभुवन चौहान ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नगरासू प्रकरण में प्रशासन की
कार्रवाई सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है और सरकार
संवेदनशील मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
गैरसैंण और पर्वतीय विकास के मुद्दे भी उठे
कार्यक्रम में गैरसैंण क्षेत्र से आए प्रधान देवेंद्र सिंह ने पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं, विकास योजनाओं और स्थानीय
समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी
जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिल सकें।
जनप्रतिनिधियों ने रखे विचार
सभा में मौजूद विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी नगरासू घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
वक्ताओं ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, गैरसैंण के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर
सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने नगरासू प्रकरण में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।















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