उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊधमसिंह नगर जिले में एक
जूनियर इंजीनियर (JE) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में जांच के दौरान मिलीभगत सामने आने पर
संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया
गया है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
निर्माण कार्य के भुगतान के बदले मांगी जा रही थी रिश्वत
विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि विकासखंड क्षेत्र में कराए गए निर्माण कार्यों के भुगतान और सिक्योरिटी मनी जारी करने
के एवज में संबंधित अधिकारी रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिना घूस दिए फाइल आगे नहीं
बढ़ाई जा रही थी और लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस ने ट्रैप की योजना तैयार की और कार्रवाई को अंजाम दिया।
ट्रैप के दौरान रिश्वत लेते ही दबोचा गया JE
मंगलवार को शिकायतकर्ता तय रकम लेकर जेई के पास पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से
मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
VDO की मिलीभगत भी आई सामने, मुकदमा दर्ज
जांच के दौरान विजिलेंस को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) की भी भूमिका संदिग्ध मिली।
इसके बाद उसके खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
विजिलेंस अब दोनों आरोपियों की संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, विजिलेंस ने जनता से की अपील
विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषी अधिकारियों को किसी
भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के
बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तत्काल विजिलेंस के टोल-फ्री नंबर 1064 पर दें।
















Leave a Reply