देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह
पुरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल केवल सामान्य वाहनों के लिए ही नहीं, बल्कि रेसिंग कारों में भी
सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार यह ईंधन इंजन की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ वाहन की गति
और प्रदर्शन में भी सुधार करता है।
माइलेज पर उठे सवालों का दिया जवाब
हरदीप सिंह पुरी ने माइलेज कम होने की शिकायतों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि कुछ वाहनों में एथेनॉल मिश्रण के कारण मामूली माइलेज प्रभावित हो सकता है,
लेकिन इसके पीछे कई अन्य तकनीकी कारण भी हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि एथेनॉल की ऑक्टेन रेटिंग लगभग 108 RON होती है, जिससे इंजन में नॉकिंग कम होती है,
बेहतर कूलिंग मिलती है और इंजन अधिक पावर पैदा करता है।
कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ा तेल कंपनियों पर दबाव
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत की
सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ा है। लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी उपलब्ध कराने के कारण कंपनियों
पर वित्तीय बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अगले दो से तीन महीनों तक कम
बनी रहती हैं, तभी घरेलू ईंधन कीमतों में राहत पर विचार किया जाएगा।
E20 लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत
सरकार दिसंबर 2025 तक देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।
मंत्री ने बताया कि भारत में एथेनॉल उत्पादन 2013-14 के 38 करोड़ लीटर से बढ़कर अब लगभग 20 अरब लीटर प्रतिवर्ष हो चुका है।
E20 के बाद भी होगी चरणबद्ध तैयारी
हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि E20 के बाद किसी भी उच्च एथेनॉल मिश्रण को लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और
तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत का एथेनॉल
कार्यक्रम वैश्विक मानकों के अनुरूप आगे बढ़ रहा है और भविष्य के लिए पूरी तैयारी के साथ कदम उठाए जाएंगे।















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