दो किसानों की मेहनत से हर साल 5 लाख तक शुद्ध आय
पौड़ी जिले के बीरोंखाल विकासखंड के सीमांत गांव जमरिया के दो प्रगतिशील किसानों ने आधुनिक सेब बागवानी के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।
सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों का लाभ लेकर किसान सुरेंद्र सिंह रावत और मंगल सिंह चौधरी प्रतिवर्ष
चार से पांच लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।
उनकी सफलता अब क्षेत्र के युवाओं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
80 नाली में सेब, सब्जियां और पशुपालन से बढ़ी आय
किसान सुरेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2021 में सेब बागवानी की शुरुआत की थी।
वर्तमान में उनके बगीचे में करीब 1,500 फलदार सेब के पौधे हैं।
लगभग 80 नाली भूमि पर सेब के साथ अन्य फल और मौसमी सब्जियों की खेती कर वे हर वर्ष चार से पांच लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमा रहे हैं।
उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत उन्हें ट्रैक्टर, पॉलीहाउस सहित अन्य सुविधाएं मिलीं, जिससे खेती अधिक आधुनिक और लाभकारी बनी।
इसके अलावा उन्होंने मत्स्य पालन और बकरी पालन को भी आय का अतिरिक्त स्रोत बनाया है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

1,500 पौधों के साथ 500 नए पौधे भी तैयार
इसी गांव के किसान मंगल सिंह चौधरी ने भी आधुनिक सेब बागवानी के जरिए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
उनके बगीचे में करीब 1,500 फलदार पौधे हैं, जबकि 500 नए पौधे भी तैयार किए जा चुके हैं।
सेब के साथ अन्य कृषि एवं बागवानी उत्पादों से उन्हें भी हर वर्ष चार से पांच लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है।
वे नियमित रूप से कृषि और उद्यान विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेते हैं तथा नई तकनीकों की जानकारी अन्य किसानों तक भी पहुंचाते हैं।
उनके उत्पाद प्रदेश की विभिन्न मंडियों तक पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी आय लगातार बढ़ रही है।
पहाड़ में आधुनिक खेती बन रही रोजगार का मजबूत विकल्प
दोनों किसानों की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ,
आधुनिक तकनीक और मेहनत के बल पर पर्वतीय क्षेत्रों में भी बागवानी को लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।
इससे गांवों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और युवा खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी ने बताया कि उद्यान विभाग किसानों को उच्च गुणवत्ता के पौधे,
तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार सहयोग दे रहा है।
उन्होंने अन्य किसानों और युवाओं से भी आधुनिक बागवानी अपनाकर विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।















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