वीर सैनिकों एवं शहीदों के परिजनों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और वृक्षारोपण से दिया राष्ट्रसेवा का संदेश
श्रीनगर गढ़वाल, 26 जुलाई। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गेनाइजेशन (NMO) की यूनिट
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, श्रीनगर गढ़वाल द्वारा रक्तदान शिविर, वीर सैनिकों
एवं शहीदों के परिजनों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के
प्राचार्य प्रो. डॉ. अशुतोष सयाना के संरक्षण में संपन्न हुआ।
50 यूनिट रक्तदान कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएसबी के डीआईजी एस.सी. नेगी ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित
करते हुए कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है और कारगिल विजय दिवस
पर किया गया रक्तदान शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में चिकित्सकों, मेडिकल विद्यार्थियों,
स्वास्थ्यकर्मियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कुल 50 यूनिट रक्तदान
किया गया।
वीर सैनिकों और शहीदों के परिजनों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी, एसएसबी के द्वितीय कमान अधिकारी ललित शाह तथा सैनिक कल्याण बोर्ड
के अध्यक्ष मेजर करण जीला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने वीर सैनिकों एवं शहीदों के परिजनों
को सम्मानित किया और युवाओं में राष्ट्रसेवा, समर्पण तथा मानवता की भावना विकसित करने के लिए एनएमओ के प्रयासों की सराहना की।
देशभक्ति कार्यक्रमों और वृक्षारोपण से दिया प्रेरक संदेश
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, कविताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर
कर दिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों एवं स्वयंसेवकों ने वृक्षारोपण भी किया।
अनेक चिकित्सक और गणमान्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डॉ. सौरभ सचर, दिनेश पटवाल, डॉ. कृतिका भारद्वाज, डॉ. वंदना शर्मा सहित अनेक चिकित्सक,
संकाय सदस्य, पूर्व सैनिक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. अमन भारद्वाज ने किया। समापन पर सभी अतिथियों, रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों
और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए समाजसेवा, मानवता और राष्ट्रसेवा के ऐसे आयोजनों को निरंतर
आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।















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