सरकार से बातचीत के बाद लिया फैसला, एफआईआर वापसी और शिक्षा सुधारों पर मिला आश्वासन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने NEET पेपर लीक के विरोध में
जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है।
संगठन ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और शिक्षा सुधारों पर आगे चर्चा करने को लेकर सहमति बनी है।
सरकार ने मानी प्रमुख मांगें
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सद्भावना के साथ आंदोलन समाप्त कर रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने दिल्ली सहित भाजपा शासित और सहयोगी राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया है।
साथ ही सरकार मंगलवार तक इस संबंध में लिखित गारंटी देने पर भी सहमत हुई है।
NEET पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने NEET परीक्षा विवाद से प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग रखी थी।
सरकार ने नियमों के तहत मानद मुआवजा देने पर सहमति जताई है।
इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों को लेकर दिए गए पांच सूत्रीय मांगपत्र पर चार सप्ताह बाद दोबारा बैठक होगी।
छात्रों के संघर्ष को बताया जीत की वजह
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके ने कहा कि यह जीत केवल छात्रों के संघर्ष की है।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने लाठीचार्ज, कठिन परिस्थितियों और लंबे आंदोलन के बावजूद हार नहीं मानी।
उन्होंने यह भी बताया कि अभिजीत ने यह लड़ाई अपने लिए नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के भविष्य के लिए लड़ी।
राहुल गांधी ने छात्रों को दी बधाई
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया।
उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि अभी दो मांगें बाकी हैं-
प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और आंदोलन के दौरान हुई कथित हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा, संघर्ष अभी जारी
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि छात्रों की मांगों में से फिलहाल केवल एक मांग पूरी हुई है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, जवाबदेही तय करने और छात्रों के साथ हुई
कथित हिंसा पर कार्रवाई की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
रिया थापा के पिता का बयान- छात्रों के संघर्ष ने दिलाई बड़ी जीत
NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की छात्रा रिया थापा के पिता
राजेश थापा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के लंबे संघर्ष की बड़ी जीत बताया है।
उन्होंने कहा कि अगर पेपर लीक सामने आने के तुरंत बाद जिम्मेदारी स्वीकार कर छात्रों से संवाद किया गया होता,
तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा होती।
राजेश थापा ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी के न्याय के लिए देहरादून से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक आंदोलन में हिस्सा लिया
और यह लड़ाई केवल उनकी बेटी की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य की थी।
उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि अब शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी,
ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को निराश होकर आत्महत्या जैसा कदम न उठाना पड़े।















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