विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखंड की ओर से आयोजित समारोह में 69 नवनियुक्त सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षा को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
वर्षों से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के चेहरे पर नियुक्ति पत्र मिलते ही खुशी साफ दिखाई दी।
कई अभ्यर्थियों ने इसे अपने संघर्ष, धैर्य और मेहनत की जीत बताया।

7 साल बाद मिला नियुक्ति पत्र, छलका अभ्यर्थियों का दर्द
नवनियुक्त शिक्षक रोहित पाठक ने कहा कि करीब 7 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उन्हें नियुक्ति पत्र मिला है।
उन्होंने बताया कि यह भर्ती दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPWD Act) के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष शिक्षकों की नियुक्ति किसी एक सरकार का फैसला नहीं,
बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कानून के प्रावधानों के अनुरूप हुई है।
दिसंबर 2025 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी और अब जाकर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं।
‘संघर्ष लंबा था, लेकिन मेहनत रंग लाई’
चमोली में नियुक्ति पाने वाले एक अभ्यर्थी ने कहा कि इस नौकरी के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ा।
कई कठिन दौर देखने पड़े, लेकिन आज नियुक्ति पत्र मिलने से सारी मेहनत सफल हो गई।
अब उनका लक्ष्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है।

‘वर्षों की तपस्या आज सफल हुई’
देहरादून की अनीशा, जिन्होंने बी.एड. स्पेशल एजुकेशन किया है, ने कहा कि इस दिन का वह लंबे समय से इंतजार कर रही थीं।
नियुक्ति पत्र हाथ में आने के बाद उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब वह पूरी निष्ठा के साथ विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करेंगी।
‘हर दिव्यांग बच्चे को मिलेगा समान अवसर’
नवनियुक्त शिक्षक नीरज ने बताया कि उन्होंने बी.एड. स्पेशल एजुकेशन के साथ मास्टर डिग्री भी पूरी की है।
उनका कहना है कि विशेष शिक्षा केवल पढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का मिशन है।
वे ऐसे माहौल के निर्माण के लिए काम करेंगे, जहां कोई भी बच्चा खुद को पीछे महसूस न करे।
परिवार की मेहनत और सपनों को मिली मंजिल
टिहरी की बबीता ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने और उनके परिवार ने वर्षों तक संघर्ष किया।
आज नियुक्ति पत्र मिलने से परिवार की मेहनत सफल हुई है।
उन्होंने कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी है कि विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य दिया जाए।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को पसंद के अनुसार मिलेगी तैनाती
अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के उस आश्वासन का स्वागत किया,
जिसमें दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के अनुसार तैनाती देने की बात कही गई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे उन्हें बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा
और वे पूरी क्षमता के साथ बच्चों के विकास में योगदान दे सकेंगे।

समावेशी शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती
नवनियुक्त शिक्षकों ने कहा कि उनका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए ऐसा
समावेशी (Inclusive) और दिव्यांग-अनुकूल (Disabled Friendly) शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है,
जहां हर बच्चे को समान अवसर, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी नियुक्ति से उत्तराखंड में समावेशी शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
















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