पुलिस बोली- पुल सुरक्षित, एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त
भारी बारिश के बाद एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त, पुल को लेकर फैली भ्रम की स्थिति
देहरादून के प्रेमनगर-नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पुल एक बार फिर चर्चा में है।
सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल महज 16 दिन में ध्वस्त हो गया।
हालांकि, पुलिस ने इस दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है,
जबकि भारी बारिश के कारण पुल के पास बनी एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हुई है।
एहतियात के तौर पर रोकी गई वाहनों की आवाजाही
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
सुरक्षा को देखते हुए पुल पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
संबंधित निर्माण एजेंसी एप्रोच रोड की मरम्मत में जुटी हुई है और जल्द ही मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।
16 करोड़ की लागत से हुआ था पुल का पुनर्निर्माण
यह पुल पिछले वर्ष बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा बनाया गया था।
पुनर्निर्माण के बाद हाल ही में इस पर यातायात शुरू किया गया था।
इसके बाद एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने की घटना सामने आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में सवाल उठने लगे हैं।
पहले भी बह चुकी थी अस्थायी पुलिया
इससे पहले 11 जुलाई की रात टौंस नदी में तेज बहाव के कारण ह्यूम पाइप से बनाई गई अस्थायी पुलिया बह गई थी।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तेजी से कार्य पूरा कर 12 जुलाई से पुनर्निर्मित मुख्य पुल पर यातायात शुरू कराया था।
क्या कहा पुलिस ने
प्रेमनगर कोतवाली पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई 2026 की सुबह पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि मुख्य पुल पूरी तरह सुरक्षित है।
भारी बारिश के कारण पुल के पास बनी एप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी बह गई, जिससे सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है।
संबंधित संस्था मरम्मत कार्य में लगी हुई है और जल्द ही मार्ग को सुचारू कर दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
बारिश के बाद एप्रोच रोड को हुए नुकसान ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
लोगों का कहना है कि हाल ही में तैयार हुए इस प्रोजेक्ट में गुणवत्ता को लेकर गंभीर जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।















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