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सरोकारों से साक्षात्कार

श्रीनगर में महापौर आरती भंडारी का सख्त एक्शन

श्रीनगर गढ़वाल में स्वच्छता, सड़क व्यवस्था और बरसाती पानी की निकासी को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है।

महापौर आरती भंडारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महापौर ने जिला पंचायत, जल संस्थान और नगर निगम के अधिकारियों को

अलग-अलग पत्र जारी कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

पापड़ी काष्ठ कला की भूमि 15 दिन में होगी विकसित

वार्ड संख्या-22 स्थित पापड़ी काष्ठ कला की भूमि को लेकर महापौर ने जिला पंचायत के समक्ष मामला उठाया है।

लंबे समय से भूमि विकसित नहीं होने के कारण यहां कूड़ा डंपिंग की समस्या बनी हुई है।

स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद नगर निगम की ओर से कई बार सफाई कराई गई और कई टन कूड़ा हटाया गया।

इसके बावजूद दोबारा कूड़ा जमा होने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है। इससे बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।

महापौर ने जिला पंचायत को 15 दिनों के भीतर भूमि की सफाई कराने,

उसे विकसित करने और चारदीवारी कराने के निर्देश दिए हैं।

तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर जनहित में भूमि को नियमानुसार अधिग्रहित करने की अग्रिम कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

सड़क खोदकर छोड़ने पर जल संस्थान को चेतावनी

पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत और लीकेज के बाद सड़कों को पूर्व स्थिति में नहीं लाने के मामलों पर भी महापौर ने नाराजगी जताई है।

महापौर ने जल संस्थान को निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन कार्य के लिए खोदी गई सड़कों को काम पूरा होने के बाद

नगर निगम के निर्धारित मानकों के अनुसार दुरुस्त किया जाए।

खुदाई से निकले मलबे का भी उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्थलीय निरीक्षण में कई स्थानों पर काम पूरा होने के बावजूद सड़कें दुरुस्त नहीं मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों का पालन नहीं होने पर नगर निगम की उपविधि के तहत प्रति स्थान अर्थदंड वसूलने की चेतावनी दी गई है।

सड़कों पर बरसाती पानी छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

बरसात के दौरान घरों की छतों से सीधे सड़कों पर पानी बहाने की समस्या को लेकर भी नगर निगम सख्त हो गया है।

महापौर ने सहायक नगर आयुक्त को ऐसे भवनों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए हैं,

जहां छतों से निकलने वाले बरसाती पानी को उचित निकासी व्यवस्था से जोड़ने के बजाय सीधे सड़क पर छोड़ा जा रहा है।

अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर ऐसे भवनों को चिह्नित करने,

नोटिस जारी करने और चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनहित को लेकर महापौर का स्पष्ट संदेश

महापौर आरती भंडारी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर की स्वच्छता,

सड़क व्यवस्था और जल निकासी से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

नगर निगम का फोकस समयबद्ध कार्रवाई के साथ शहर की

सार्वजनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और आमजन को राहत देने पर है।

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