फिर भी 3 लाख का जुर्माना क्यों
कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
कोर्ट ने दिव्यांग लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में समय रैना समेत पांच कॉमेडियन्स के खिलाफ
दर्ज क्रिमिनल केस रद्द करने का आदेश दिया है।
हालांकि, राहत के साथ कोर्ट ने समय रैना समेत सभी पांचों पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग लोगों के हित में किए जा रहे प्रयासों को लेकर समय रैना की तारीफ भी की।
कोर्ट ने कहा कि अगर सकारात्मक दिशा में काम शुरू किया गया है तो उसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
कोर्ट ने समय रैना की कोशिशों की तारीफ क्यों की?
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने समय रैना और अन्य कॉमेडियन्स की ओर से दिव्यांग लोगों के हित में किए गए प्रयासों का उल्लेख किया।
कोर्ट ने कहा कि जब सच्ची कोशिश की जाती है तो उसके सकारात्मक परिणाम जरूर मिलते हैं।
पीठ ने समय रैना और अन्य को सकारात्मक दिशा में काम जारी रखने की बात कही।
फिर 3 लाख रुपये का जुर्माना क्यों लगाया?
क्रिमिनल केस रद्द करने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत पांचों कॉमेडियन्स पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
इसकी वजह कोर्ट के पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं करना था।
नवंबर 2025 में कोर्ट ने पांचों को दिव्यांग लोगों के लिए फंड जुटाने, महीने में कम से कम दो शो आयोजित करने और दिव्यांग लोगों को कार्यक्रमों में शामिल करने जैसे निर्देश दिए थे।
बाद में NGO की ओर से बताया गया कि समय रैना ने इन गतिविधियों के लिए उससे संपर्क नहीं किया।
हालांकि, समय के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके शो के जरिए दिव्यांग लोगों के लिए करीब 9 लाख रुपये जुटाए गए और दिव्यांग लोगों को कार्यक्रम में भी शामिल किया गया।
इसके बावजूद कोर्ट ने पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन में कमी को गंभीरता से लिया और जुर्माना लगाया।
क्या था पूरा मामला
मामला समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड से जुड़ा है।
इस एपिसोड में दिव्यांग लोगों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) के इलाज के खर्च को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं।
वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया था।
इसके बाद क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन की ओर से समय रैना और अन्य कॉमेडियन्स के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज कराया गया।
पांचों कॉमेडियन्स को मिली राहत
इस मामले में समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और आदित्य देसाई समेत अन्य आरोपी भी शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इन सभी को क्रिमिनल केस में राहत मिली है।
हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि दिव्यांग लोगों से जुड़े इस तरह के कंटेंट और उसके नियमन को लेकर आगे भी सुनवाई होगी।
इसमें दिव्यांग लोगों के सुझावों पर विचार किया जाएगा और भविष्य के लिए उचित दिशा-निर्देश तैयार करने पर भी चर्चा होगी।
आगे गलती हुई तो बढ़ सकता है जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य को चेतावनी भी दी है कि अगर भविष्य में अदालत के निर्देशों का उल्लंघन किया गया तो और ज्यादा जुर्माना लगाया जा सकता है।
यानी इस मामले में समय रैना को आपराधिक मुकदमे से राहत जरूर मिली है,
लेकिन कोर्ट ने दिव्यांग लोगों से जुड़े कंटेंट और अदालत के निर्देशों के पालन को लेकर सख्त रुख भी बरकरार रखा है।
















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