नैथाना निवासी दीपक पटवाल की मौत के मामले में परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
परिवार ने सुनील नाम के व्यक्ति पर दीपक को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है।
परिजनों ने सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, दीपक रेलवे में करीब एक महीने से काम कर रहा था।
26 तारीख को उसे काम की तनख्वाह लेने के साथ बैंक जाना था। परिवार ने अपनी नातिन के नाम एफडी के लिए पैसे रखे थे। दीपक को ये पैसे बैंक में जमा कराने थे।
उस दिन बारिश हो रही थी। दीपक की पत्नी भी उसके साथ जाने वाली थी, लेकिन उनके तीन वर्षीय बच्चे की तबीयत खराब थी।
इसलिए पत्नी को घर पर रुकने के लिए कहकर दीपक अकेले निकल गया।
परिजनों के मुताबिक, दीपक नए कपड़े और जूते पहनकर घर से निकला था।
उसके गले में सोने की चेन और हाथ में अंगूठी भी थी। इसके बाद वह रेलवे स्टेशन की ओर गया, जहां उसका काम चल रहा था।
परिवार का आरोप है कि इसी दौरान दीपक की मुलाकात सुनील नाम के व्यक्ति से हुई।
सुनील ने उससे पूछा कि वह कहां जा रहा है। दीपक ने बैंक जाने की बात बताई।
परिजनों का दावा है कि इसके बाद सुनील उसे अपने साथ लेकर चला गया।
परिजनों के अनुसार, बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दीपक को स्कूल की ओर ले जाया गया था।
परिवार का यह भी आरोप है कि वहां उसे शराब पिलाई गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों का कहना है कि रेलवे में काम करने वाले कुछ लोगों ने दीपक को सुनील के साथ जाते देखा था।
फेसबुक पर मिली स्कूटी की तस्वीर
पुष्पा देवी के मुताबिक, 27 तारीख की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच उन्हें फेसबुक पर एक स्कूटी की तस्वीर दिखाई दी।
परिवार ने तस्वीर देखकर स्कूटी की पहचान दीपक की बताई।
इसके बाद तस्वीर में मिले संपर्क के जरिए एक ड्राइवर से बातचीत की गई। परिवार के मुताबिक, ड्राइवर ने उन्हें स्कूटी मिलने की जगह की जानकारी दी।
बातचीत के दौरान परिवार को दीपक और सुनील दोनों के वहां होने की बात भी बताई गई।
इसके बाद परिजन सुबह करीब पांच बजे बताए गए स्थान पर पहुंचे और दीपक की तलाश की।
बाद में दीपक की मौत की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिवार ने पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए हैं।
मां ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की
दीपक की बड़ी मां का कहना है कि उनका बेटा परिवार की जिम्मेदारी संभालता था।
उन्होंने बताया कि दीपक कभी-कभी शराब पीता था, लेकिन किसी से अभद्र व्यवहार नहीं करता था।
परिजनों के अनुसार, दीपक की पत्नी करीब 24 वर्ष की है और उनका तीन वर्षीय बेटा है।
परिवार का कहना है कि दीपक अपने बच्चे से बेहद जुड़ा हुआ था और घर का मुख्य सहारा था।
दीपक की बड़ी मां ने सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि दीपक आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में था, इसकी जांच होनी चाहिए।
परिजनों ने घटनाक्रम से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ करने और दीपक की मौत से जुड़ी पूरी कड़ी सामने लाने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
















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