नया रडार और आधुनिक एटीसी बिल्डिंग से बढ़ेगी उड़ानों की क्षमता
देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर 80वें स्वतंत्रता दिवस का समारोह उत्साह के साथ मनाया गया।
इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन ने आने वाले समय में प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की जानकारी दी।
एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी के अनुसार, एयरपोर्ट की सुरक्षा,
विमानों की आवाजाही और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक से जुड़े कई काम प्रस्तावित हैं।
इनमें अत्याधुनिक रडार, आधुनिक इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (ILS) और नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) बिल्डिंग प्रमुख हैं।
सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ में मिलेगी मदद
एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक रडार लगाए जाने की योजना है।
रडार की मदद से एयर ट्रैफिक की निगरानी और विमानों की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
खासकर खराब मौसम के दौरान विमानों के संचालन और सुरक्षा के लिहाज से यह महत्वपूर्ण सुविधा होगी।
देहरादून एयरपोर्ट पर नए एटीसी टावर और टेक्निकल ब्लॉक के निर्माण की योजना पहले भी सामने आ चुकी है।
जनवरी 2026 में सामने आई जानकारी के मुताबिक, नए एटीसी टावर का निर्माण चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
आधुनिक इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम भी होगा स्थापित
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ को
और सुगम बनाने के लिए आधुनिक इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (ILS) स्थापित किया जाएगा।
इससे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में विमान संचालन को तकनीकी सहायता मिलेगी।
दून एयरपोर्ट पर पहले से नाइट लैंडिंग की सुविधा मौजूद है
और 2026 में यहां पहली बार नियमित शेड्यूल वाली रात्रि उड़ान भी शुरू की गई थी।
नई ATC बिल्डिंग से बढ़ेगा एयर स्पेस
प्रस्तावित नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल बिल्डिंग दून एयरपोर्ट के विस्तार का अहम हिस्सा होगी।
नई बिल्डिंग में आधुनिक उपकरण लगाए जाने की योजना है।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि इससे एयर स्पेस की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी
और एयर ट्रैफिक कंट्रोल एक समय में अधिक उड़ानों का बेहतर प्रबंधन कर सकेगा।
पहले की रिपोर्टों में भी बताया गया है कि वर्तमान एयर स्पेस में प्रति घंटे करीब सात विमानों को नियंत्रित करने की क्षमता है
और एयर स्पेस बढ़ने पर अधिक विमानों को उतारा जा सकता है।
एयरपोर्ट पर पहले से बढ़ रही हैं सुविधाएं
देहरादून एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है।
एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन 2024 से संचालित हो रहा है और इसकी पीक आवर क्षमता करीब 3,240 यात्रियों की बताई गई है।
वहीं, 2026 के समर शेड्यूल में देहरादून एयरपोर्ट से 34 उड़ानों को मंजूरी मिली थी और कई शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाई गई थी।
कमर्शियल वाहनों के टोल में बड़ी कटौती
एयरपोर्ट प्रशासन ने वाहनों के टोल शुल्क को लेकर भी राहत दी है।
नए टेंडर के तहत एयरपोर्ट में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों का टोल 345 रुपये से घटाकर 80 रुपये किया गया है।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, शुल्क में यह कटौती एयरपोर्ट पर वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और वाहनों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में मदद करेगी।
दून एयरपोर्ट को और आधुनिक बनाने की तैयारी
रडार, ILS और नई ATC बिल्डिंग जैसी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दून एयरपोर्ट की हवाई यातायात व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इससे विमानों की सुरक्षित आवाजाही के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले हवाई यातायात को संभालने में भी मदद मिलेगी।
यानी आने वाले समय में जौलीग्रांट एयरपोर्ट सिर्फ यात्री सुविधाओं के लिहाज से ही नहीं,
बल्कि एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और विमान संचालन की तकनीकी क्षमता के मामले में भी बड़ा बदलाव देखने जा सकता है।















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