साइबर हमले की आशंका के बीच बढ़ी चिंता
FIR देखने से लेकर ऑनलाइन पुलिस सेवाएं प्रभावित, 2024 में भी साइबर हमले से ठप हुआ था सरकारी सिस्टम
उत्तराखंड में डिजिटल सरकारी सेवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
उत्तराखंड पुलिस की ऑनलाइन FIR से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधा पिछले करीब 15 दिनों से प्रभावित बताई जा रही है।
नागरिक CCTNS उत्तराखंड के माध्यम से ऑनलाइन FIR और अन्य पुलिस सेवाओं का लाभ लेते हैं।
लेकिन गूगल सर्च के जरिए FIR देखने वाले लिंक पर जाने पर लोगों को सर्वर एरर मिल रहा है।
सीधे पुलिस सिटीजन पोर्टल पर पहुंचने के बाद भी नागरिक दर्ज FIR की जानकारी नहीं देख पा रहे हैं।
पोर्टल पर तकनीकी कारणों से View FIR सेवा प्रभावित होने की जानकारी दी जा रही है।
ऑनलाइन FIR सेवा पर क्यों लगा ब्रेक
उत्तराखंड पुलिस की डिजिटल सेवाओं के जरिए नागरिकों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इनमें FIR की जानकारी देखना और विभिन्न पुलिस सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन शामिल हैं।
सरकारी सेवाओं के आधिकारिक पोर्टल पर भी उत्तराखंड पुलिस की CCTNS आधारित नागरिक सेवाओं का उल्लेख है।
इनमें FIR कॉपी और शिकायत से जुड़ी ऑनलाइन सुविधाएं शामिल हैं।
लेकिन वर्तमान में FIR सर्च से जुड़ी सेवा प्रभावित होने के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की पड़ताल में सूत्रों के हवाले से साइबर हमले के कारण सर्वर प्रभावित होने की बात सामने आई है।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभागों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
वैकल्पिक पोर्टल खुल रहा, लेकिन FIR देखना संभव नहीं
पुलिस सिटीजन पोर्टल का मुख्य पेज खुल रहा है। हालांकि, दर्ज FIR देखने की सुविधा वहां भी प्रभावित बताई जा रही है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पोर्टल का एक हिस्सा काम कर रहा है, तो FIR से जुड़ी सेवा बहाल होने में इतना समय क्यों लग रहा है।
करीब 15 दिनों से नागरिकों को इस महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
21 अगस्त को स्वास्थ्य प्राधिकरण के डेटा में भी सेंध का दावा
इसी बीच राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के डेटा सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे डेटा सिस्टम में सेंध लगने की घटना सामने आई।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डेटा में सेंध किसने लगाई और इससे कितनी जानकारी प्रभावित हुई।
इस घटना के बाद सरकारी डिजिटल सिस्टम और संवेदनशील नागरिक डेटा की साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
पहले भी साइबर हमले की चपेट में आ चुका है सरकारी सिस्टम
उत्तराखंड में सरकारी डिजिटल ढांचे पर साइबर हमले की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
अक्टूबर 2024 में उत्तराखंड के स्टेट डेटा सेंटर पर साइबर हमला हुआ था। इसके बाद कई महत्वपूर्ण सरकारी वेबसाइट और ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
बाद में अधिकांश वेबसाइट और सेवाएं बहाल की गईं।
उस समय राज्य सरकार ने डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने के लिए साइबर सिक्योरिटी टास्क फोर्स और डिजास्टर रिकवरी सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए थे।
सवाल फिर वही, साइबर सुरक्षा कितनी मजबूत
लगातार सामने आ रही तकनीकी और साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाओं ने सरकारी डिजिटल सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं।
CCTNS जैसे सिस्टम में FIR, जांच और पुलिस रिकॉर्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी रहती है।
केंद्र सरकार के अनुसार, CCTNS पुलिस प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के लिए देशभर में संचालित एक महत्वपूर्ण नेटवर्क है।
ऐसे में उत्तराखंड पुलिस की ऑनलाइन FIR सुविधा लंबे समय तक प्रभावित रहने को लेकर लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि तकनीकी समस्या या कथित साइबर हमले की वास्तविक वजह क्या है और प्रभावित सेवाएं पूरी तरह कब तक बहाल होंगी।

















Leave a Reply